Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

घर बैठे भजन कर रहे हैं? ये गलतियां कर दीं तो भक्ति भी खत्म, महाराज ने बताया आ सकती है परेशानी

Premanand Maharaj: श्री प्रेमानन्द जी महाराज ने भक्ति मार्ग पर चलने वाले लोगों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनके अनुसार, जो लोग घर में रहकर भजन करते हैं, उन्हें कुछ खास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Mar 28, 2026 | 06:02 PM

Premanand Maharaj (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Rules Of Doing Bhajan At Home: प्रसिद्ध संत श्री प्रेमानन्द जी महाराज ने भक्ति मार्ग पर चलने वाले लोगों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनके अनुसार, जो लोग घर में रहकर भजन करते हैं, उन्हें कुछ खास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। भजन का मार्ग जितना सरल दिखता है, उतना ही इसमें अनुशासन और सावधानी जरूरी होती है। छोटी-सी गलती भी भक्ति के फल को कम कर सकती है।

खान-पान में शुद्धता: भक्ति की पहली सीढ़ी

भजन करने वाले व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है शुद्ध और सात्विक भोजन। श्री प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, “ब्याह-शादी, श्राद्ध और तेरहवीं जैसे आयोजनों में भोजन नहीं करना चाहिए” आजकल के बुफे सिस्टम में लोग जूठे हाथों से भोजन छूते हैं, जिससे भोजन की पवित्रता खत्म हो जाती है। इसके अलावा, राज-अन्न यानी बड़े लोगों का दान या भोजन भी ग्रहण नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे मन और बुद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भजन के लिए सही स्थान का चुनाव

भजन हर जगह बैठकर नहीं करना चाहिए।

सम्बंधित ख़बरें

एक गलती और खत्म हो गई जिंदगी, जानिए पांडु की मौत का चौंकाने वाला सच

इतना शक्तिशाली होकर भी क्यों हार गया कर्ण? ये 3 श्राप बने उसकी मौत की वजह

हनुमान जयंती 2026 की सही तारीख क्या है? नोट कीजिए पूजा का मुहूर्त और अन्य जरूरी बातें

कामदा एकादशी पर किन चीजों का दान करने से पूरे साल बनी रहेगी भगवान विष्णु की कृपा, यहां जानिए

  • भीड़-भाड़ वाले स्थान जैसे बाजार, चौराहा, नदी घाट या श्मशान में भजन करने से मन विचलित होता है और ध्यान भटकता है।
  • भजन के लिए एकांत स्थान जैसे शांत बगीचा, पहाड़ या नदी का सुनसान किनारा सबसे उत्तम माना गया है।
  • अगर गुरुदेव की पादुकाओं के सामने बैठकर भजन किया जाए, तो उसका फल कई गुना बढ़ जाता है।

इन कर्मों से जरूर बचें, वरना हो सकता है नुकसान

संतों के अनुसार, कुछ ऐसे कर्म हैं जो व्यक्ति को भक्ति से दूर कर देते हैं और जीवन में दुख बढ़ाते हैं:

  • किसी का विश्वास तोड़ना और उपकार भूल जाना
  • वचन या संकल्प पूरा न करना
  • माता-पिता का अपमान करना
  • जीव-जंतुओं को कष्ट देना या मांसाहार करना
  • नशा करना और पाखंड करना

ये सभी कर्म व्यक्ति के जीवन को नकारात्मक दिशा में ले जाते हैं।

ये भी पढ़े: एक गलती और खत्म हो गई जिंदगी, जानिए पांडु की मौत का चौंकाने वाला सच

नाम जप ही है सबसे बड़ा उपाय

श्री प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि अगर आपने पहले गलतियां की हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। “राधा-राधा” या अपने इष्ट का नाम जपते हुए प्रभु की शरण में आ जाएं। भगवान की कृपा इतनी अपार है कि वे आपके पुराने पापों को भी क्षमा कर सकते हैं और जीवन में सही रास्ता दिखा सकते हैं।

सावधानी से ही मिलेगा भजन का फल

भजन सिर्फ नाम जप नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली है। अगर आप सही नियमों का पालन करते हैं, तो भक्ति का पूरा फल मिलता है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप अपने जीवन को सुखमय और शांत बना सकते हैं।

Are you performing bhajan from the comfort of your home maharaj warns that this could lead to trouble

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 28, 2026 | 06:02 PM

Topics:  

  • Premanand Maharaj
  • Religion News
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.