Premanand Maharaj (Source. Pinterest)
Rules Of Doing Bhajan At Home: प्रसिद्ध संत श्री प्रेमानन्द जी महाराज ने भक्ति मार्ग पर चलने वाले लोगों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनके अनुसार, जो लोग घर में रहकर भजन करते हैं, उन्हें कुछ खास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। भजन का मार्ग जितना सरल दिखता है, उतना ही इसमें अनुशासन और सावधानी जरूरी होती है। छोटी-सी गलती भी भक्ति के फल को कम कर सकती है।
भजन करने वाले व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है शुद्ध और सात्विक भोजन। श्री प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, “ब्याह-शादी, श्राद्ध और तेरहवीं जैसे आयोजनों में भोजन नहीं करना चाहिए” आजकल के बुफे सिस्टम में लोग जूठे हाथों से भोजन छूते हैं, जिससे भोजन की पवित्रता खत्म हो जाती है। इसके अलावा, राज-अन्न यानी बड़े लोगों का दान या भोजन भी ग्रहण नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे मन और बुद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
भजन हर जगह बैठकर नहीं करना चाहिए।
संतों के अनुसार, कुछ ऐसे कर्म हैं जो व्यक्ति को भक्ति से दूर कर देते हैं और जीवन में दुख बढ़ाते हैं:
ये सभी कर्म व्यक्ति के जीवन को नकारात्मक दिशा में ले जाते हैं।
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श्री प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि अगर आपने पहले गलतियां की हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। “राधा-राधा” या अपने इष्ट का नाम जपते हुए प्रभु की शरण में आ जाएं। भगवान की कृपा इतनी अपार है कि वे आपके पुराने पापों को भी क्षमा कर सकते हैं और जीवन में सही रास्ता दिखा सकते हैं।
भजन सिर्फ नाम जप नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली है। अगर आप सही नियमों का पालन करते हैं, तो भक्ति का पूरा फल मिलता है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप अपने जीवन को सुखमय और शांत बना सकते हैं।