अक्षय तृतीया (सौ. AI)
Akshaya Tritiya Spiritual Tips: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 19 अप्रैल को मनाया जा रहा हैं। इस दिन विधि विधान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाए तो घर-परिवार में सुख-शांति और समद्धि बनी रहती है। लेकिन इस दिन कुछ ऐसे कार्य हैं, जिनको भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। ऐसे में इस दिन जल से भरे घड़े, सत्तू, खरबूजा, पंखा और छाता दान करें, क्योंकि गर्मी में इन चीजों को महादान माना गया है।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना समृद्धि का प्रतीक है। अगर सोना खरीदना न हो पाए, तो चांदी या तांबे का कोई बर्तन भी घर लाया जा सकता है। माना जाता है कि इस दिन जो भी कीमती वस्तु घर आती है, वह स्थिर रहती है।
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अगर आप नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं या विवाह की सोच रहे हैं, तो यह दिन बेहद शुभ है। इस दिन शुरू किया गया काम सफलता की नई ऊंचाइयों को छूता है।
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की साथ पूजा करनी चाहिए। साथ ही, अपने पितरों का तर्पण करें। इससे घर की बाधाएं दूर होती हैं।
अक्षय तृतीया पर न तो किसी को पैसा उधार दें और न ही किसी से उधार लें। माना जाता है कि इस दिन कर्ज लेने से व्यक्ति साल भर कर्ज की मुश्किलों से घिरा रहता है और उधार देने से घर की लक्ष्मी दूसरे के पास चली जाती है।
मां लक्ष्मी वहीं वास करती हैं, जहां शांति हो। ऐसे में इस दिन भूलकर भी घर में किसी भी तरह का वाद-विवाद, झगड़ा या अपशब्दों का प्रयोग न करें।
अक्षय तृतीया एक पवित्र पर्व है। इसलिए इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी करें।
घर के किसी भी कोने में, खासकर मुख्य द्वार और पूजा घर में अंधेरा न रहने दें। घर की साफ-सफाई का ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी दरिद्रता को बुलावा देती है।