अधिक मास (सौ.सोशल मीडिया)
Adhik Maas 2026 Remedies: सनातन धर्म में अधिक मास का बड़ा महत्व है। धर्म ग्रथों में इस महीने को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। अधिकमास का महीना हर तीन साल में एक बार आता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास का महीना 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहने वाला है।
ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, इस दौरान किए गए दान, पुण्य और मंत्र जाप का फल अन्य महीनों की तुलना में दस गुना अधिक मिलता है। अगर आपके जीवन में प्रगति रुक गई है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो अधिक मास के ये चमत्कारी उपाय आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकते हैं।
धर्म ग्रथों में अधिक मास में दीपदान करने का बड़ा महत्व बताया गया है। ऐसे में शाम के समय घर के मंदिर, तुलसी के पौधे के पास और शिवालय में गाय के घी का दीपक जलाएं। ऐसी मान्यता है कि, जो व्यक्ति इस पूरे माह अखंड दीप जलाता है या नियमित दीपदान करता है, उसके जीवन से अंधकार और दरिद्रता का नाश होता है।
दीपदान के अलावा, अधिक मास में रोजाना सुबह स्नान के बाद पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और शाम को तुलसी के पास दीपक जलाकर परिक्रमा करें। ऐसा करने से लक्ष्मी नारायण के साथ देवों के देव महादेव की असीम कृपा हो सकती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में कांसे के पात्र में मालपुआ रखकर दान करना संतान सुख और समृद्धि प्रदान करता है। इसके अलावा इस दौराव जल, सत्तू, छाता और जूते-चप्पल का दान भी बहुत पुण्यदायी माना गया है।
यह भी पढ़ें-Vaishakh Amavasya: पितृदोष से कैसे मिलेगी मुक्ति? वैशाख अमावस्या के दिन कर लें इस विधि से पितरों का तर्पण।
यह महीना पुरुषोत्तम यानी भगवान श्रीहरि का है, इसलिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इसके साथ ही, इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं। प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।