

Adhik Maas Mein Daan Dharm: इस वर्ष अधिक मास या मलमास 17 मई से शुरु होकर 15 जून तक रहने वाला है। सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व बताया गया है जिसे मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे शुभ एवं पवित्र महीना माना जाता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि अधिक मास में सूर्य की संक्रांति नहीं होती, जिसके वजह से इसे शुभ कामों के लिए अच्छा नहीं माना गया, लेकिन भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम पुरुषोत्तम दिया और वरदान दिया कि जो भी इस माह में मेरी भक्ति और दान करेगा, उसे अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल मिलेगा। यही वजह है कि इस महीने में किया गया दान सोने जैसा फल देता है।
अधिक मास में दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास में दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि मलमास में दान करने से न केवल पापों का नाश होता है बल्कि रुके हुए काम भी बनने लगते हैं और आर्थिक उन्नति के द्वार खुल जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मलमास में कुछ खास चीजों का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है।