किरोड़ी के छापों से सरकार में हलचल, क्या अपने ही मंत्रियों पर टारगेट कर रहे हैं कृषि मंत्री

राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने नकली खाद-बीज के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। अजमेर के बाद श्रीगंगानगर में भी फैक्ट्रियों पर छापे मारे, कांग्रेस ने मंत्री की इस पर टिप्पणी की है।
किरोड़ी के छापों से सरकार में हलचल! क्या अपने ही मंत्रियों पर टारगेट कर रहे हैं कृषि मंत्री?
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा (फोटो- सोशल मीडिया)
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जयपुर: राजस्थान में नकली खाद और बीज के खिलाफ एक्शन मोड में आए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। अजमेर से श्रीगंगानगर तक फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह अभियान सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ है या इसके राजनीतिक मायने भी हैं। खास बात यह है कि किरोड़ी ने कार्रवाई वहीं से शुरू की जहां केंद्र के कृषि राज्य मंत्री का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में चर्चाएं यह भी हैं कि क्या वह अपनी ही सरकार को असहज करने की रणनीति पर चल रहे हैं?

किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी ने विपक्ष को एक बार फिर सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। विपक्ष ने पूछा कि जब मंत्री खुद कह रहे हैं कि पूरे देश में नकली खाद-बीज की गैंग सक्रिय है, तो केंद्र और राज्य सरकारें क्या कर रही हैं? कांग्रेस ने सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस अवैध कारोबार को किसी का संरक्षण मिल रहा है, जो आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई?

नकली खाद-बीज के खिलाफ एक्शन में किरोड़ी राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पिछले कुछ समय से लगातार कार्रवाई में जुटे हैं। अजमेर के किशनगढ़ से शुरू हुए इस अभियान में नकली उर्वरकों की फैक्ट्रियों पर छापे मारे गए, जहां डीएपी और पोटाश जैसे उर्वरक मार्बल पाउडर, बजरी और रंग मिलाकर बनाए जा रहे थे। अब श्रीगंगानगर में बीज की फैक्ट्रियों पर लगातार दो दिनों तक छापेमारी कर भारी मात्रा में केमिकल युक्त नकली बीज पकड़े गए।

राजनीतिक संकेत और विपक्ष की सियासत

इस कार्रवाई के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। वह क्षेत्र जहां से छापेमारी शुरू हुई, केंद्र सरकार के एक मंत्री का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इससे पहले भी किरोड़ी एसआई पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं के मामलों में अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। ऐसे में यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है कि क्या कृषि मंत्री सिर्फ कानून का पालन करा रहे हैं या कोई सियासी संदेश भी देना चाहते हैं?

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