गर्भवती महिला से बदसलूकी करने वाला राहुल, अब बिस्तर से उठने लायक भी नहीं बचा, राजस्थान पुलिस ने किया इलाज
Jaipur News: जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ करने वाले राहुल गुर्जर के पुलिस ने तोड़े हाथ-पैर। 33 केस वाले इस दरिंदे का गुरूर अब मिट्टी में मिला। देखिए पुलिस का सख्त एक्शन।
- Written By: अमन मौर्या
Jaipur Police Action: जयपुर की गुलाबी नगरी को अपनी दरिंदगी से दहलाने वाले शातिर अपराधी राहुल गुर्जर उर्फ राज का अंत आखिरकार कानून के शिकंजे में हुआ। 25 मार्च को मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह छेड़छाड़ करने वाले इस वहशी ने पूरे शहर में खौफ पैदा कर दिया था। राहुल गुर्जर केवल एक मनचला नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी है जिस पर हत्या के प्रयास और लूट जैसे 33 संगीन मामले दर्ज हैं। वह जयपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान से भागकर मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर में शरण ली और पुराने मामलों में सरेंडर कर कानून को चकमा देने की कोशिश की। लेकिन राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने पीछा नहीं छोड़ा। जब पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले जा रही थी, तो उसने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसिया कार्रवाई में उसके हाथ और पैर दोनों टूट गए। अब वह दरिंदा, जो कभी महिलाओं की अस्मत पर हाथ डालता था, खुद बिस्तर पर लाचार पड़ा है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने समाज में कानून के प्रति विश्वास को पुनर्जीवित किया है।
Jaipur Police Action: जयपुर की गुलाबी नगरी को अपनी दरिंदगी से दहलाने वाले शातिर अपराधी राहुल गुर्जर उर्फ राज का अंत आखिरकार कानून के शिकंजे में हुआ। 25 मार्च को मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह छेड़छाड़ करने वाले इस वहशी ने पूरे शहर में खौफ पैदा कर दिया था। राहुल गुर्जर केवल एक मनचला नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी है जिस पर हत्या के प्रयास और लूट जैसे 33 संगीन मामले दर्ज हैं। वह जयपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान से भागकर मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर में शरण ली और पुराने मामलों में सरेंडर कर कानून को चकमा देने की कोशिश की। लेकिन राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने पीछा नहीं छोड़ा। जब पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले जा रही थी, तो उसने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसिया कार्रवाई में उसके हाथ और पैर दोनों टूट गए। अब वह दरिंदा, जो कभी महिलाओं की अस्मत पर हाथ डालता था, खुद बिस्तर पर लाचार पड़ा है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने समाज में कानून के प्रति विश्वास को पुनर्जीवित किया है।
