

Neemrana Fire Incident: नीमराना के औद्योगिक क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मोहलडिया गांव स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। इस घटना में चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें दो पुरुष और दो मासूम बच्चियां शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और शोक का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी। वहां मौजूद प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। अपर्णा गुप्ता और सतवीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। नीमराना, बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मृतक आग लगने के समय गोदाम के भीतर ही मौजूद थे और तेज लपटों के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक झारखंड के रहने वाले थे।
राजस्थान प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोदाम मालिक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि गोदाम में जरूरी सुरक्षा मानकों, जैसे अग्निशमन उपकरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र, मौजूद थे या नहीं।
इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहलडिया गांव और आसपास के इलाकों में गहरा दुख और आक्रोश है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।