जयपुर में स्कूल निरीक्षण पर बवाल, CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में खूनी झड़प, शिक्षा मंत्री पर आरोप!

CJP In Rajasthan: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस FIR दर्ज की है।
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राजस्थान में कार्यकर्ता और ग्रामीणों के बीच झड़पसोर्स- सोशल मीडिया
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CJP Workers Villagers Clash Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास रामपुरा-कंवरपुरा इलाके में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया है। स्कूल निरीक्षण के दौरान नागरिक अधिकार मंच (CJP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प और मारपीट की घटना सामने आई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवदासपुरा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इलाके में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।

स्कूल निरीक्षण के दौरान कैसे भड़की हिंसा?

एसीपी (चाकसू) भवानी सिंह के अनुसार, CJP पार्टी की एक टीम रामपुरा-कंवरपुरा इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान ही अचानक सीजेपी की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हो गया। यह बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें कई लोगों को चोटें आई हैं।

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पथराव कर तोड़े शीशे- CJP का आरोप

सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना को लेकर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। रांका का दावा है कि उनकी टीम केवल स्कूल का निरीक्षण करने गई थी, लेकिन जैसे ही वे गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और खदेड़ना शुरू कर दिया।

रांका ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनकी टीम पर जानलेवा हमला किया, पथराव किया, गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर उनके कपड़े तक फाड़ दिए।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सीधा निशाना

इस पूरे विवाद में राजनीतिक मोड़ तब आ गया जब आशुतोष रांका ने राजस्थान राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सीधे आरोप मढ़े। रांका का कहना है कि स्कूल में बच्चों को बेहद खराब और दयनीय हालातों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जब उनकी टीम स्कूल की स्थिति सुधारने और सच सामने लाने की कोशिश कर रही थी, तो उन्हें जानबूझकर रोका गया। रांका ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों द्वारा किया गया यह हमला सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री के इशारे पर कराया गया है।

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50-60 बाहरी लोगों ने आकर मचाया हुड़दंग

दूसरी तरफ, ग्रामीणों ने CJP के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बिना किसी वजह के परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे आशुतोष रांका अपने साथ 50 से 60 बाहरी लोगों को लेकर गांव में घुसे थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल निरीक्षण के बहाने इन लोगों ने गांव में घुसकर स्थानीय लोगों के साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी, जिससे कई ग्रामीणों को गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वे केवल हुड़दंग मचाने वाले इन बाहरी लोगों को रोक रहे थे।

सोशल मीडिया के दावों पर नहीं, सबूतों पर होगी कार्रवाई

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर जयपुर के डीसीपी राजर्षि राज ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस सोशल मीडिया पर चल रहे दावों या पोस्ट के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। पुलिस केवल आधिकारिक शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर ही काम करेगी।

उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना वास्तव में कैसे शुरू हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही उचित कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी। फिलहाल दोनों पक्षों से पूछताछ के लिए ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं को थाने बुलाया जा रहा है।

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