Jaipur Airport: टेक-ऑफ के कुछ मिनट बाद ही करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला; जानें क्या है मामला

Jaipur Airport Incident: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। फ्लाइट के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद ही एक पक्षी टकरा गया जिसके चलते फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
Jaipur Airport Bird Hit Incident: Flynas Flight Makes Safe Return After Take-Off
जयपुर एयरपोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Jaipur Airport Bird Hit Incident: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होत होते टल गया। पायलट की सूझबूझ से विमान को सुरक्षित उतरा गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि बाद में तकनीकी जांच पूरी होने के बाद फ्लाइट दोबारा रात 1 बजकर 5 मिनट पर जेद्दा के लिए रवाना हो गई।

पक्षी टकराने के कारण हुई देरी

जानकारी के मुताबिक फ्लाइट के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद ही एक पक्षी विमान से टकरा गया। जिसके बाद पायलट ने फ्लाइट की इमरजेंसी लैडिंग कराई। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत ये रही है इस दौरान कोई नुकसान नहीं हुआ और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद फ्लाइट दोबार रात 1 बजकर 5 मिनट पर जेद्दा के लिए रवाना कर दी गई।

बताया जा रहा है कि फ्लाइनेस एयरलाइंस की फ्लाइट जेद्दा से हाजियों को लेकर रात करीब 8 बजकर 25 मिनट पर जयपुर पहुंची थी। हज यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद फ्लाइट खाली वापस जेद्दा के लिए रवाना हुई। उड़ान भरने के देर बाद एक पक्षी फ्लाइट से टकरा गया। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को इसकी जानकारी दी और फ्लाइट को वापस जयपुर लाने का फैसला किया फिर रात 10 बजकर 40 मिनट पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।

तकनीकी जांच के बाद दोबारा रवाना हुई फ्लाइट

जानकारी के मुताबिक फ्लाइट के वापस उतरने के बाद इंजीनियरिंग और तकनीकी टीमों ने फ्लाइट की पूरी जांच की। पक्षी टकराने की वजह से फ्लाइट के प्रभावित हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद फ्लाइट को दोबारा उड़ान की इजाजत दी गई।

बता दें कि इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन के सर्वे के अनुसार दुनिया भर में 34 बर्ड हिट की घटनाएं रोज होती है। जिनमें से लगभग 92 प्रतिशत मामलों में विमान को कोई बड़ा नुकसान या कोई बड़ा हादसा नही होता है। लेकिन सुरक्षा कारणों से हर घटना को गंभीरता से लिया जाता है और तकनीकी जांच की जाती है।

दुनिया में कई एयरपोर्ट ऐसे है जो पक्षियों को रनवे और उड़ान मार्ग से दूर रखने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग करते हैं। इनमें हाई-पावर स्पीकर, लेजर गन व प्रशिक्षित बर्ड कंट्रोल टीमों की मदद की मदद शामिल है।

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