IPS पूरन आत्महत्या मामला: परिवार की सहमति के बाद 9वें दिन हुआ पोस्टमॉर्टम, शाम को होगा अंतिम संस्कार

Puran Kumar suicide case: वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के आत्महत्या के नौवें दिन बाद चंड़ीगढ़ PIG में पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव को उनके सरकारी आवास लाया गया।
IPS पूरन आत्महत्या मामला: परिवार की सहमति के बाद 9वें दिन हुआ पोस्टमॉर्टम, शाम को होगा अंतिम संस्कार
आज होगा अंतिम संस्कार (सौ. सोशल मीडिया)
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IPS Puran's Funeral: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार के आत्महत्या मामले में तमाम विवादों के बाद आखिरकार पोस्टमार्टम को लेकर उनके परिवार ने सहमती दे दी है। आत्महत्या के नौवें दिन चंडीगढ़ PGI में शव का पोस्टमार्टम हुआ। जिसके बाद शाम करीब 4 बजे सेक्टर-25 श्मशान घाट पर  उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहे। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अफसर अमनीत पी कुमार भी पीजीआई में पहुंची हुई हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पर लाया गया। यहां पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने अंतिम दर्शन किए। दोपहर करीब 3 बजे शवयात्रा निकली और शाम 4 बजे सेक्टर-25 श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 परिवार की सहमति के बाद हुआ पोस्टमॉर्टम

पूरन कुमार की मौत के बाद उनका परिवार शुरू से ही पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर रहा था। परिजनों का कहना था कि जब तक पूरी जांच निष्पक्ष रूप से न हो, तब तक वे शव को अस्पताल नहीं भेजेंगे। काफी बातचीत, आश्वासन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद सोमवार देर रात परिवार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी, जिसके बाद मंगलवार सुबह यह प्रक्रिया पूरी की गई।

पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

बता दें कि, 7 अक्टूबर को आईपीएस पूरन कुमार ने अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए थे। घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर जातीय भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि उन्हें लंबे समय से सिस्टम के भीतर से दबाव झेलना पड़ रहा था।

एएसआई की मौत से और उलझा मामला

इस मामले के बीच रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर ने भी आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने वीडियो और नोट में आईपीएस पूरन कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। अब दोनों घटनाओं की जांच SC/ST एक्ट के तहत की जा रही है और सामाजिक संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी है।

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