पहले अन्नामलाई…अब कैप्टन अमरिंदर, एक साथ बीजेपी को दो बड़े झटके? कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं पूर्व सीएम
Captain Amarinder Singh: इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि मैं आज भी कांग्रेस को याद करता हूं। कांग्रेस मेरे लिए एक परिवार जैसी है। मैं जब भी फोन करता था, तो वह मुझसे मिल लेते थे।
- Written By: मनोज आर्या
बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Captain Amarinder Singh: पंजाब में अगले साल यानी की 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है। इससे पहले राज्य में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में एक ऐक ऐसी खबर सामने आ रही है, जो चुनावी राज्य में बीजेपी को परेशान कर सकती है। दरअसल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को फिर से कांग्रेस में वापसी की अटकलें लगाई जा रही है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया है कि अमरिंदर सिंह हमारे संपर्क में हैं। वह कांग्रेस के सीनियर नेता रह चुके हैं और हमारे वरिष्ठ साथी भी हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और हुड्डा के बीच दोस्ताना संबंध है। ऐसे में इस बात की चर्चा है कि हुड्डा ही अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हुड्डा के दावे पर बीजेपी का रिएक्शन
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इस दावे पर पंजाब बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। पंजाब बीजेपी के प्रवक्ता प्रतिपाल सिंह बलियावाल ने कहा है कि संपर्क होना कोई बड़ी बात नहीं है। रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा तो कहती हैं कि हुड्डा किसी के संपर्क में नहीं रहते। हुड्डा ने केवल संपर्क में होने की बात की है, इसके कई मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
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बीजेपी में हाशिए पर अमरिंदर सिंह?
अमरिंदर सिंह के कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं को इस लिए भी हवा मिला, क्योंकि बीजेपी में रहते हुए वह लगातार कांग्रेस की तारीफ कर रहे हैं। कैप्टन कई बार यह कह चुके हैं कि कांग्रेस में पंजाब को लेकर उनसे सुझाव लिया जाता था, लेकिन बीजेपी सीधे दिल्ली से फैसले लेती है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस में रहते हुए तीन बार अध्यक्ष बना और पार्टी हमेशा मुझसे सुझाव मांगती थी। हालांकि, बीजेपी में पूरी तरह से अलग संस्कृति है।
अमरिंदर सिंह ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब में बीजेपी का अध्यक्ष बनाए जाने का भी खुलकर विरोध किया था। उनका कहना था कि ढिल्लों की नियुक्ति में भाजपा ने उनसे कोई बात नहीं की थी।
‘मैं आज भी कांग्रेस को याद करता हूं’
गौरतलब है कि इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि मैं आज भी कांग्रेस को याद करता हूं। कांग्रेस मेरे लिए एक परिवार जैसी है। मैं जब भी फोन करता था, तो वह मुझसे मिल लेते थे। मगर, भाजपा में इस तरह की कोई संस्कृति नहीं है। मेरे जन्मदिन पर राहुल गांधी ने बधाई संदेश भेजा था। हाल ही में मेरे भाई रणधीर के निधन पर भी उनका शोक संदेश आया, लेकिन बीजेपी की ओर से किसी ने संवेदन व्यक्त नहीं की।
अकाली दल से गठबंधन के पक्ष में कैप्टन
अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अकाली दल से गठबंधन के पक्ष में हैं। वह कई मौके पर इसकी पैरवी कर चुके हैं। हालांकि, इसके विपरित भाजपा के नेता बार-बार दावा कर रहे हैं कि हम सभी 117 सीटों पर बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ेंगे। कैप्टन भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के भीतर खुद को अपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
तमिलनाडु में अन्नामलाई के बगावती सुर
दिलचस्प बात है कि यह अटकलें ऐसे समय पर हुआ है, जब तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई के पार्टी से इस्तीफा देने की अटकलें हैं। हालांकि, ऐसी चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसा कहा जा रहा है अन्नामलाई भाजपा को छोड़कर राज्य में नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर सकते हैं। हालांकि, अधिकारिक तौर पर उन्होंने अपना आगे का प्लान साझा नहीं किया है।
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अमरिंदर सिंह ने क्यों छोड़ी थी कांग्रेस?
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2 नवंबर 2021 को इस्तीफा देते हुए खुद को कांग्रेस पार्टी से अलग कर लिया था। उन्होंने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा तत्कालीन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को बढ़ावा देने और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने और पार्टी के अंदर बार-बार अपमानित महसूस करने के कारण यह कदम उठाया था।
