

पंजाब में नशे के खिलाफ जान गवाने वाले लोगों के परिजनों से की मुलाकात
शाह ने परिजनों से मुलाकात करते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया है
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से शाह का पंजाब दौरा बेदह अहम है
What Are The Political Implications Of Shah Visit To Punjab?: पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है और बीजेपी मौजूदा सरकार को नशे के मुद्दे पर लगातार घेरते हुए नजर आ रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव पहुंचकर सुखे नशे का विरोध करने के कारण जान गवाने वाले 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। शाह ने परिजनों की बातें सुनीं और उन्हें न्याय का भरोसा दिया। इस दौरान पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया।
अमित शाह पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा जिलों के एक दिवसीय दौरे पर हैं। बटाला में हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद वह सीधे मारी पनवां गांव पहुंचे। बिक्रमजीत सिंह की 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि वह अपने इलाके में नशा तस्करी का विरोध करते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो गुटों के बीच हुए विवाद के कारण हुई थी।
बिक्रमजीत के परिजनों ने शाह को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। परिवार के सदस्य गुरनाम सिंह के मुताबिक, गृह मंत्री ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भी कहा कि शाह ने परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने दोहराया कि दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने का लक्ष्य है।
गुरदासपुर के बाद शाह संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से मिलेंगे। गुलजार ने 7 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। उनके परिवार का आरोप है कि इलाके में नशे की सप्लाई को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने के बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।
इसके बाद शाह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात करेंगे। झोटा की 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके पिता भीम सिंह ने CBI जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शाह के दौरे से पहले ही इस मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला घोषित किया।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेर रही है, जबकि AAP नेता अमन अरोड़ा ने केंद्र से पाकिस्तान और गुजरात के बंदरगाह से जुड़ी कथित नशा तस्करी पर जवाब मांगा है। शाह अपने दौरे के दौरान लुधियाना में दशहरा कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
हाल ही में बीजेपी ने 18 सितंबर से 30 सितंबर तक नशे के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान 4 अलग-अलग यात्राओं ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करते हुए करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया गया था। बीजेपी ने इस अभियान में नशे के अलावा कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर भी मान सरकार पर निशाना साधा था। इस यात्रा में बीजेपी के कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी घर-घर जाकर इस अभियान को लेकर लोगों को जागरुक करने का काम किया था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले बिक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों की मांगें सुनीं और बहुत जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया। गौरतलब है कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव से पहले यह दौरा अहम माना जा रहा है। BJP नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेर रही है, जबकि दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।