विश्व गठिया दिवस: क्या है गठिया की बीमारी? जानें प्रमुख प्रकार, कारण और जरूरी सावधानियां

World Arthritis Day: विश्व गठिया दिवस पर जानें गठिया के प्रकार, शुरुआती लक्षण, कारण और इलाज। तस्वीरों के जरिए समझें जोड़ों के दर्द और सूजन से बचाव के आसान तरीके।
World Arthritis Day 2026
विश्व गठिया दिवसडिजाइन फोटो
Updated on: 
World Arthritis Day
हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाता है, ताकि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक हों और समय पर इलाज लें। गठिया के बारे में जानिए ज़रूरी बातें, जो आपके और आपके परिवार के काम आ सकती हैं।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया
Arthritis, or inflammation of the joints
गठिया (आर्थराइटिस) कोई एक बीमारी नहीं है। यह जोड़ों में सूजन और दर्द पैदा करने वाली स्थितियों का समूह है। इसमें जोड़ अकड़ने लगते हैं और रोज़मर्रा के काम, जैसे चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना या बोतल का ढक्कन खोलना भी मुश्किल हो सकता है।डिजाइन फोटो
Over 100 types of arthritis
चिकित्सा विज्ञान में गठिया के सौ से अधिक रूप बताए गए हैं। हर प्रकार के कारण, लक्षण और इलाज अलग हो सकते हैं। इसीलिए बिना जाँच के यह मान लेना सही नहीं कि हर जोड़ का दर्द एक ही बीमारी है।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया
Osteoarthritis, a condition involving the wearing down of joints
यह गठिया का सबसे आम प्रकार है। इसमें जोड़ों के बीच की कार्टिलेज (गद्दी जैसी परत) धीरे-धीरे घिसने लगती है। घुटने, कूल्हे, रीढ़ और हाथों के जोड़ इससे ज़्यादा प्रभावित होते हैं। बढ़ती उम्र, मोटापा और पुरानी चोट इसका जोखिम बढ़ाते हैं।डिजाइन फोटो
Rheumatoid arthritis, when the body attacks itself
यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली गलती से जोड़ों की परत पर हमला करने लगती है। इसमें आमतौर पर दोनों तरफ के जोड़ एक साथ प्रभावित होते हैं, जैसे दोनों हाथ या दोनों घुटने। यह महिलाओं में अपेक्षाकृत ज़्यादा देखी जाती है।डिजाइन फोटो
Do not ignore the symptoms of arthritis
जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, छूने पर गर्माहट या लालिमा, चलने-फिरने में दिक्कत और सुबह उठते ही अकड़न गठिया के आम संकेत हैं। कई मामलों में थकान और हल्का बुखार भी रहता है। अगर ये परेशानियाँ कुछ हफ़्तों तक बनी रहें, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।डिजाइन फोटो
It is not just the elderly; the youth and children can also fall victim
गठिया को अक्सर बुढ़ापे की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ प्रकार युवाओं और बच्चों को भी प्रभावित करते हैं। पारिवारिक इतिहास, मोटापा, धूम्रपान, पुरानी चोट और कुछ ऑटोइम्यून स्थितियाँ जोखिम बढ़ा सकती हैं।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया
Only a proper assessment leads to the right direction
गठिया की पहचान के लिए डॉक्टर शारीरिक जाँच के साथ ज़रूरत के अनुसार खून की जाँच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई करवा सकते हैं। जाँच से पता चलता है कि समस्या किस प्रकार की है। शुरुआती पहचान से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाने में मदद मिलती है।डिजाइन फोटो
Treatment is possible, and so is control
कई प्रकार के गठिया में इलाज का लक्ष्य दर्द और सूजन कम करना और जोड़ों को बचाए रखना होता है। इसमें दवाएँ, फिज़ियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टर सर्जरी या जोड़ प्रत्यारोपण की सलाह भी देते हैं। खुद से दर्द की गोलियाँ लेते रहना ठीक नहीं है।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया
Everyday habits make a big difference
वज़न संतुलित रखें, डॉक्टर की सलाह से हल्की कसरत करें और पैदल चलना, तैराकी या योग जैसी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करें। संतुलित आहार लें और धूम्रपान से दूर रहें। गाउट के मरीज़ डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान पर ध्यान दें। जोड़ों की सेहत पर ध्यान आज से ही शुरू करें।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com