निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री: निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना 9वां बजट पेश करेंगी। वह 2019 से वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। सीतारमण ने 2008 में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया और 2017 से 2019 के बीच रक्षा मंत्री के रूप में भी कार्य किया, जिससे वह पूर्णकालिक रूप से इस पद को संभालने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और एमफिल की डिग्री प्राप्त की है।
अरविंद श्रीवास्तव, राजस्व सचिव: 1994 बैच के आईएएस अधिकारी (कर्नाटक कैडर) अरविंद श्रीवास्तव वर्तमान में राजस्व सचिव हैं और यह उनका पहला बजट होगा। उनका विभाग आयकर और कॉर्पोरेट कर सहित प्रत्यक्ष करों के साथ-साथ जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे अप्रत्यक्ष करों का प्रबंधन करता है। इससे पहले वे प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं और एशियाई विकास बैंक के साथ भी काम कर चुके हैं। उनके पास सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक (आईआईटी-दिल्ली), अर्थशास्त्र में एमए (मैसूरु) और वित्त में एमएससी (लंदन विश्वविद्यालय) की डिग्री है।
अनुराधा ठाकुर, आर्थिक मामलों की सचिव: 1994 बैच की आईएएस अधिकारी (हिमाचल प्रदेश कैडर) अनुराधा ठाकुर ने 1 जुलाई से आर्थिक मामलों की सचिव के रूप में कार्यभार संभाला है और इस विभाग की प्रमुख बनने वाली पहली महिला हैं। इससे पहले, वे कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थीं और उन्होंने एसएफआईओ, डीआईपीएएम और एयर इंडिया के विनिवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ठाकुर को आर्थिक प्रशासन में दशकों का अनुभव है और वे बजट की मुख्य सूत्रधार हैं। यह उनका पहला बजट भी होगा।
एम नागराजू, वित्तीय सेवा सचिव: एम नागराजू, 1993 बैच के आईएएस अधिकारी (त्रिपुरा कैडर), अगस्त 2024 से वित्तीय सेवा सचिव हैं। नागराजू का विभाग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन संस्थानों की देखरेख करता है। यह सरकार के व्यापक आर्थिक एजेंडे का भी केंद्रीय हिस्सा है, जिसमें ऋण वृद्धि, डिजिटल तकनीक को अपनाना और सामाजिक सुरक्षा पहलों का विस्तार शामिल है। उनके पूर्व कार्यों में कोयला मंत्रालय में प्रमुख सुधारों का नेतृत्व करना, विश्व बैंक में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में कार्य करना और राज्य वित्त, स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण और उद्योग में वरिष्ठ भूमिकाएँ शामिल हैं।
वुमलुनमांग वुआलनम, व्यय सचिव: 1992 बैच के आईएएस अधिकारी (मणिपुर कैडर) वुमलुनमांग वुआलनम व्यय सचिव के रूप में कार्यरत हैं और सरकारी खर्च, सब्सिडी युक्तिकरण और राजकोषीय अनुशासन की देखरेख करते हैं। "खजाने के संरक्षक" माने जाने वाले वुआलनम का विभाग आगामी वित्तीय वर्ष के लिए व्यय नियोजन का मार्गदर्शन करता है। इससे पहले वे नागरिक उड्डयन सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं और विश्व बैंक तथा वित्त एवं गृह मंत्रालयों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं।
के. मोसेस चलाई, लोक उद्यम सचिव: 1990 बैच के आईएएस अधिकारी (मणिपुर कैडर) के. मोसेस चलाई अप्रैल से लोक उद्यम विभाग के सचिव हैं। चलाई उस विभाग का नेतृत्व करते हैं जो पूंजीगत व्यय योजनाओं की देखरेख करता है और यह सुनिश्चित करता है कि बजटीय आवंटन का कुशलतापूर्वक उपयोग हो। उनकी टीम परिसंपत्ति मुद्रीकरण पहलों पर भी नज़र रखती है और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के समग्र वित्तीय प्रदर्शन की निगरानी करती है। वे इससे पहले अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव और उत्तर पूर्वी परिषद के सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, साथ ही मणिपुर राज्य प्रशासन में भी विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोरीमल कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
अरुणिश चावला, डीआईपीएएम सचिव: 1992 बैच के आईएएस अधिकारी (बिहार कैडर) अरुणिश चावला निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव हैं। वे सरकार के विनिवेश और निजीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में हिस्सेदारी की बिक्री से प्राप्त गैर-कर राजस्व की देखरेख करते हैं। इससे पहले वे राजस्व सचिव और औषधि सचिव के पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने आईएमएफ में वरिष्ठ अर्थशास्त्री सहित कई अंतरराष्ट्रीय पदों पर कार्य किया है। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।
वी. अनंत नागेश्वरन, मुख्य आर्थिक सलाहकार: वी. अनंत नागेश्वरन जनवरी 2022 से भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। इस भूमिका में, नागेश्वरन और उनकी टीम विकास पूर्वानुमान, कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों के क्षेत्रीय विश्लेषण और वैश्विक जोखिमों के आकलन सहित व्यापक आर्थिक परिदृश्य को परिभाषित करने में मदद करते हैं। इससे पहले वे बैंक जूलियस बेयर में वैश्विक मुख्य निवेश अधिकारी, क्रेडिट सुइस और यूबीएस में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं और प्रमुख बिजनेस स्कूलों में अध्यापन कार्य कर चुके हैं। उनके पास बीकॉम, एमबीए और वित्त में पीएचडी की डिग्री है।