Sindoor Khela: दुर्गा पूजा में महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर क्यों लगाती हैं? जानें सिंदूर खेला का अर्थ

Sindoor Khela Ritual: दुर्गा पूजा में सिंदूर खेला क्यों मनाया जाता है? जानें विजयादशमी पर मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने और महिलाओं के एक-दूसरे को सिंदूर लगाने की परंपरा का अर्थ।
Sindoor khela meaning why women apply sindoor durga puja.
सिंदूर खेलाफोटो.सोशल मीडिया
Updated on: 
Sindoor Khela
बंगाल की दुर्गा पूजा में सिंदूर खेला एक खास रस्म है। विजयादशमी के दिन महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं।फोटो.सोशल मीडिया
Sindoor Khela
इस रस्म में महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करके उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करती हैं। इसे देवी के आशीर्वाद की कामना से भी जोड़ा जाता है।फोटो.सोशल मीडिया
Sindoor Khela
महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। यह रस्म सामूहिक उत्सव और आपसी जुड़ाव का भी प्रतीक है।फोटो.सोशल मीडिया
Sindoor Khela
सिंदूर खेला आमतौर पर विजयादशमी के दिन यानी मां की विदाई के दिन होता है। यह दुर्गा पूजा के समापन और मां दुर्गा की विदाई से जुड़ी परंपरा है।फोटो.सोशल मीडिया
Sindoor Khela
परंपरागत रूप से सिंदूर खेला में विवाहित महिलाओं की प्रमुख भूमिका रही है। हालांकि, आज अलग-अलग आयोजनों में कुंवारी स्त्रियां भी सिंदूर खेला में भाग लेती है। फोटो.सोशल मीडिया
Sindoor Khela
यह रस्म आस्था, सामूहिक उत्सव और मां दुर्गा को विदाई देने की भावनाओं से जुड़ी है। इसके साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान भी जुड़ी हुई है।फोटो.सोशल मीडिया

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live
navbharatlive.com