Rohit Sharma:कैसे बने विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाज? देखें 10 तस्वीरों में पूरा सफर
Rohit Sharma Career Records: रोहित शर्मा के डेब्यू से लेकर दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनने तक का पूरा सफर जानिए। देखें उनके रिकॉर्ड्स, कप्तानी और उपलब्धियां 10 तस्वीरों में।
- Written By: वंदना शर्मा
साल 2013 रोहित शर्मा के करियर का सबसे अहम साल साबित हुआ। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें वनडे क्रिकेट में ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह फैसला भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल फैसलों में गिना जाएगा। नई गेंद के साथ बल्लेबाजी करते हुए रोहित ने अपनी क्लास, टाइमिंग और आक्रामक अंदाज से दुनिया भर के गेंदबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार शतक और बड़ी पारियां खेलीं। उनकी बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। यही वह मोड़ था, जहां से रोहित शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनरों में अपनी जगह बना ली।
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13 नवंबर 2014 का दिन क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलकर नया इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 173 गेंदों में 264 रन बनाए, जिसमें 33 चौके और 9 छक्के शामिल थे। शुरुआत में संयम से बल्लेबाजी करने के बाद उन्होंने आखिरी ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। यह रिकॉर्ड आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है और अब तक कोई बल्लेबाज इसे नहीं तोड़ सका है। इस पारी ने साबित कर दिया कि जब रोहित शर्मा लय में होते हैं, तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।
वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन रोहित शर्मा ने इसे तीन बार करके इतिहास रच दिया। उन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन की पारी खेली, फिर 2014 में श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड 264 रन बनाए और 2017 में फिर श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 208 रन बनाकर तीसरा दोहरा शतक पूरा किया। आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक नहीं लगा पाया है। यह रिकॉर्ड उनकी लंबी पारी खेलने की क्षमता, शानदार फिटनेस और बड़े मैचों में दबदबा बनाने की काबिलियत को दर्शाता है। यही वजह है कि उन्हें सीमित ओवरों का सबसे खतरनाक बल्लेबाज माना जाता है।
ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है। खासकर 2019 विश्व कप में उन्होंने बल्लेबाजी के ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। उस टूर्नामेंट में उन्होंने पांच शतक लगाए, जो किसी एक विश्व कप संस्करण में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा शतक हैं। इंग्लैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उनकी शानदार पारियों ने भारत को कई महत्वपूर्ण मुकाबले जिताए। बड़े मंच पर दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करना रोहित शर्मा की सबसे बड़ी ताकत रही है। यही कारण है कि आईसीसी टूर्नामेंट में उनका नाम सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया जाता है।
शुरुआत में रोहित शर्मा को सिर्फ सीमित ओवरों का बल्लेबाज माना जाता था, लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी काबिलियत साबित कर दी। साल 2019 में जब उन्हें टेस्ट टीम में ओपनिंग का मौका मिला, तो उन्होंने इस भूमिका को दोनों हाथों से स्वीकार किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार शतक और दोहरे शतक ने यह साबित कर दिया कि वह लंबे प्रारूप में भी बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य मजबूत टीमों के खिलाफ भी कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी और धैर्यपूर्ण खेल के दम पर रोहित ने खुद को तीनों प्रारूपों का भरोसेमंद खिलाड़ी बना लिया।
टी20 क्रिकेट में रोहित शर्मा का नाम सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में लिया जाता है। उन्होंने इस प्रारूप में कई यादगार पारियां खेली हैं और लंबे समय तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उनके नाम टी20 इंटरनेशनल में कई शतक दर्ज हैं, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण हैं। पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने, बड़े शॉट खेलने और मैच का रुख बदलने की उनकी क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। कई बार उन्होंने अकेले दम पर भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकालकर जीत दिलाई है। इसी वजह से उन्हें टी20 क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज कहा जाता है।
रोहित शर्मा सिर्फ शानदार बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक सफल कप्तान भी हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई अहम द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कीं और आईसीसी टूर्नामेंटों में भी शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर उनका शांत स्वभाव, सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव और खिलाड़ियों पर भरोसा करने की शैली उन्हें बेहतरीन कप्तानों की सूची में शामिल करती है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका दिया और टीम में सकारात्मक माहौल बनाए रखा। यही कारण है कि उनकी कप्तानी की अक्सर क्रिकेट विशेषज्ञ भी सराहना करते हैं।
रोहित शर्मा का नाम आईपीएल इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में शुमार है। उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने कई बार आईपीएल ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास रचा। उन्होंने टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालकर कई यादगार जीत दिलाईं। रोहित की रणनीति, खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल और बड़े मैचों में शांत रहकर फैसले लेने की क्षमता ने मुंबई इंडियंस को लीग की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में शामिल कर दिया। बल्लेबाज और कप्तान दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान टीम की सफलता का सबसे बड़ा कारण रहा है।
रोहित शर्मा का क्रिकेट करियर सिर्फ रिकॉर्ड्स और आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और लगातार मेहनत की मिसाल भी है। 264 रन की विश्व रिकॉर्ड पारी, वनडे में तीन दोहरे शतक, विश्व कप में पांच शतक, टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और भारतीय टीम की सफल कप्तानी जैसी उपलब्धियां उन्हें क्रिकेट इतिहास के महान खिलाड़ियों में शामिल करती हैं। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने हैं। आने वाले वर्षों में भी जब भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाजों का जिक्र होगा, तो रोहित शर्मा का नाम सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा।
