इस पौधे में होता है भगवान श्रीकृष्ण का वास, सौभाग्य की वृद्धि के लिए जन्माष्टमी से पहले घर में लगाएं
Janmashtami 2025: कृष्ण कमल नामक पौधा, जन्माष्टमी से पहले लगाने का महत्व होता है। कहा जाता है कि, इस पौधे में भगवान श्रीकृष्ण का वास होता है जो महाभारत से लेकर सृष्टि निर्माण तक के संकेत देता है।
- Written By: दीपिका पाल
Janmashtami 2025: अगस्त महीने में कई तरह के व्रत मनाए जाते है इसमें ही रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी की पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर कान्हाजी की पूजा की जाती है तो वहीं पर झूला, माखन,मिश्री, बांसुरी, मोरपंख जैसे प्रतीकों का होना खास होता है। जन्माष्टमी की पूजा में एक खास तरह का पौधा लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
मान्यता के अनुसार कृष्ण कमल नामक पौधा, जन्माष्टमी से पहले लगाने का महत्व होता है। कहा जाता है कि, इस पौधे में भगवान श्रीकृष्ण का वास होता है जो महाभारत से लेकर सृष्टि निर्माण तक के संकेत देता है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी से पहले इस प्रकार का कृष्ण कमल का पौधा लगाना शुभ माना जाता है।
यहां पर कृष्ण कमल नामक इस पौधे की बात करें तो, यह एक बेलनुमा पौधा है, जो नीले-बैंगनी रंग के सुंदर और विशेष संरचना वाले फूल देता है। इस फूल की 100 पखुंड़ियां होती है जो फूल नहीं बल्कि श्रीकृष्ण के चरित्र, उनके अवतारों और ब्रह्मांडीय रचना के रहस्य को बताता है। इसमें 5 मोटी पंखुड़ियां होती है जो पांच पांडवों को व्यक्त करती है।
इस फूल की व्याख्या करते हुए बताया है कि इसमें तीन केंद्र बिंदु , त्रिदेव को समर्पित होते है। गोल प्रकार का घेरा फूल में नजर आता है यह भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र की याद दिलाता है। हरी-बैंगनी लताएं फूल में जो होती है वह मोर पंख और बांसुरी की लहर की छवि देती हैं। कहा जाता है कि, इस पौधे को लगाने से नकारात्मकता हटती है तो वहीं पर घर में सौभाग्य बढ़ता है। इस पौधे को लगाना पुण्यकारी माना गया है।
जन्माष्टमी से पहले इस पौधे को घर पर लगाने की सोच रहे है तो आप उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में लगा सकते है। पौधा लगाने से देव ऊर्जा को आकर्षित करता है और परिवार के सदस्यों में शांति बढ़ती है। इस पौधे को आयुर्वेद की दृष्टि से खास माना जाता है। कृष्ण कमल, मानसिक शांति देने वाला पौधा है जिसकी पत्तियों से दवा बनती है। इस सेवन करने से तनाव, अनिद्रा और बेचैनी में राहत मिलती है।
