मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से लेकर एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट छात्रों तक, सभी को पढ़ाई, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, मरीजों की मौत, असाइनमेंट, नाइट ड्यूटी और लॉन्ग वर्किंग आवर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा का यह सफर मानसिक और भावनात्मक तनाव से भरा होता है।