Photo: मोदी सरकार और CJP के बीच क्या हुई बातचीत? तस्वीरों में जानिए बैठक की 10 बड़ी बातें
Modi Government CJP Meeting: मोदी सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई? सरकार ने क्या जवाब दिया और आगे क्या होगा? तस्वीरों में पढ़िए बैठक की 10 बड़ी बातें।
- Written By: वंदना शर्मा
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। उनका कहना था कि इन मांगों पर जल्द फैसला होना चाहिए। उनकी चिंता सिर्फ एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई और आंदोलन से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भी है।
यह बैठक लगभग 50 मिनट तक चलेगी, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष को विस्तार रूप से एक दूसरे के सामने रखेंगे। सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को ध्यान से सुना, जबकि CJP ने अपनी मांगों और आंदोलन की वजहों को विस्तार से बताया जाएगा। इस बैठक के दौरान माहौल शांत और औपचारिक बना रहा तथा बातचीत को सकारात्मक रूप से देख रहे है।
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इस बैठक के बाद CJP प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सरकार ने कुछ मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। खासतौर पर प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों और प्रभावित परिवारों को राहत देने जैसे मुद्दों पर सरकार ने विचार करने का भरोसा दिया है। इन मुद्दों पर जल्द चर्चा करके आगे का कदम तय किया जाएगा। इससे प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि आने वाले समय में कुछ सकारात्मक फैसला देखने को मिल सकता है।
सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। हालांकि इस मुद्दे पर सरकार ने कोई तत्काल फैसला नहीं लिया। सरकार ने कहा कि इस मांग पर विचार करने के लिए उसे कुछ समय चाहिए और जल्द अपना पक्ष स्पष्ट किया जाएगा। इसलिए इस पर संबंधित स्तर पर चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं CJP ने साफ कहा कि यह उनकी सबसे प्रमुख मांगों में से एक है और इस पर स्पष्ट जवाब का इंतजार रहेगा।
सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। हालांकि इस मुद्दे पर सरकार ने कोई तत्काल फैसला नहीं लिया। सरकार ने कहा कि इस मांग पर विचार करने के लिए उसे कुछ समय चाहिए और जल्द अपना पक्ष स्पष्ट किया जाएगा। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों के बीच फिर से बैठक आयोजित की जा सकती है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और संबंधित विभागों के साथ चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और आंदोलन को बातचीत के जरिए आगे बढ़ाने की अपील की गई। सरकार का कहना था कि संवाद से ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत सबसे बेहतर रास्ता होती है और दोनों पक्षों को संयम बनाए रखना है। साथ ही बातचीत जारी रहने से समाधान निकलने की संभावना बढ़ती है।
बैठक के बाद CJP नेताओं ने साफ कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित या स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल सरकार के अगले कदम का इंतजार करेंगे, लेकिन आंदोलन वापस लेने का फैसला अभी नहीं किया गया है।
दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई जा रही है। सरकार ने कहा कि सभी मांगों की समीक्षा करने के बाद अगले दौर की बैठक बुलाई जाएगी, जहां पर इन मुद्दों पर आगे की चर्चा होगी। अगली बैठक में सरकार कुछ मुद्दों पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत होने की संभावना बनी हुई है।
इस बैठक के बाद अब देशभर की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यदि सरकार कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं, यदि कोई ठोस निर्णय नहीं होता है तो विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसलिए आने वाले कुछ दिन इस पूरे मामले में काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
