Ganesh ji in foreign: भारत में 10 दिनों के भव्य गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। जहां पर हर दिन घरों और पंडालों में विराजित भगवान श्रीगणेश जी की पूजा की जा रही है। भारत में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की पूजा का काफी महत्व होता है लेकिन विदेशों में भी श्रीगणेशा पूजे जाते है। विदेशों में शामिल कई देश है जहां पर अलग-अलग नामों से गणेशजी की पूजा की जाती है। चलिए जानते है इन गणेशा के बारे में।
तिब्बत में भी गणेश जी की पूजा का महत्व होता है। यहां पर हिंदू धर्म नहीं बल्कि बौद्ध धर्म के द्वारा गणेश जी की पूजा की जाती है। बताया जाता है कि भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने 11वीं सदी में गणेशजी काे प्रचारित किया था। इन्हें ही तिब्बत में गणेश पंथ को शुरू करने वाला माना गया। इस देश में विराजित गणपति जी को दुष्टों से जनता की रक्षा करने वाले देवता के रूप में जाना जाता है।
भारत से मिलता-जुलता देश नेपाल भी गणेश जी की पूजा के लिए फेमस है। यहां पर गणेशजी के कई मंदिर स्थापित है तो वहीं पर हिंदू धर्म के लोग गणेश उत्सव को मनाते है। कहते है कि, गणेश मंदिर की स्थापना अशोक की पत्नी चारू मित्रा ने की थी। यहां पर भगवान गणेश को सिद्धदाता और संकटमोचन के रूप में मानते हैं। किसी भी कठिन स्थिति से बचने के लिए यहां के लोग गणेश जी की पूजा करते है।
श्रीलंका में भी गणेश उत्सव का महत्व होता है। यहां पर भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा का विधान है तो वहीं पर श्रीगणेशा की पूजा भी लोग करते है। तमिल भाषी लोग भगवान श्रीगणेश की पूजा करते है औऱ पिल्लयार नाम से जानते है। भगवान श्रीगणेश के 14 मंदिर है जो अपनी खासियत रखते है।
जापान में भी गणेश जी की पूजा की जाती है। यहां पर गणेशा को अलग नाम कांगितेन के नाम से जाना जाता है। कांगितेन नाम से प्रचलित गणेशा की मूर्ति का दो शरीर वाला स्वरूप मशहूर है।
इंडोनेशिया में भी गणेश जी का महत्व होता है। कहा जाता है कि, इंडोनेशियन द्वीप पर भी भारतीय धर्म का प्रभाव पहली शताब्दी से ही देखा गया है। यहां पर हिंदू धर्म के लोग पूजा करते है तो भगवान श्रीगणेश की मूर्तियां भारत से मंगवाते है। इंडोनेशिया में गणेशजी की पूजा का इतना महत्व है कि, यहां 20000 के नोट पर भी गणेशजी की तस्वीर लगी होती है। इंडोनेशियन लोग इन्हें ज्ञान का प्रतीक मानकर पूरी श्रद्धा और भाव से पूजा करते हैं।
थाइलैंड में भी गणेश जी की पूजा का विधान होता है। यहां पर गणेश जी को डन्हें फ्रा फिकानेट नाम से जाना जाता है। यहां के लोग भगवान गणेश को सफलता के देवता मानते हैं। कहा जाता है कि, नए व्यवसाय या शादी के मौकों पर भारत की तरह यहां भी भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती है। गणेश चतुर्थी पर यहां पर आयोजन देखने लायक होता है।