हर की पौड़ी, हरिद्वार- पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन हुआ, तब अमृत कलश बाहर निकला था। इस अमृत की कुछ बूंदें हरिद्वार में भी गिरी। यहां की भव्य आरती देखने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु इकठ्ठा होते हैं। हवा में गूंजते 'हर-हर गंगे' के जयकारे, मंदिर के घंटे और पानी की कल-कल से आपके मन को शांति की अनुभूति होगी।