Coffee Making: पौधे से कप तक का सफर, जानें कैसे तैयार होती है आपकी पसंदीदा कॉफी

Coffee Making Process: कॉफी के पौधे पर लगने वाली चेरी से लेकर आपके कप तक पहुंचने में कई चरण शामिल होते हैं। जानें कॉफी चेरी की तुड़ाई, बीन्स की प्रोसेसिंग, रोस्टिंग और ब्रूइंग की पूरी कहानी।
Coffee Bean to Cup Process
कॉफी बीन्सफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Where does coffee originate?
आपके कप की कॉफी का सफर कॉफी के पौधे पर लगने वाले फल से शुरू होता है। इस फल को कॉफी चेरी कहा जाता है और इसके अंदर मौजूद बीज आगे चलकर कॉफी बीन्स बनते हैं।सोर्स- सोशल मीडिया
Coffee cherries are picked from the tree
जब कॉफी चेरी पक जाती हैं, तो उन्हें पौधे से तोड़ा जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाली कॉफी के लिए पकने की अवस्था और तुड़ाई का तरीका महत्वपूर्ण होता है।सोर्स- सोशल मीडिया
The pits are removed from the cherries
तुड़ाई के बाद कॉफी चेरी का बाहरी हिस्सा हटाया जाता है। इसके लिए अलग-अलग प्रसंस्करण विधियां इस्तेमाल होती हैं, जैसे प्राकृतिक और धुली हुई प्रक्रिया। इन तरीकों का असर कॉफी के स्वाद पर भी पड़ सकता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Fermentation and cleaning process
धुली हुई प्रक्रिया में फल की परत हटाने के बाद बीजों को किण्वन और पानी से सफाई की प्रक्रिया से गुजारा जा सकता है। इससे बीजों पर बची चिपचिपी परत हटाने में मदद मिलती है।सोर्स- सोशल मीडिया
The beans are dried thoroughly
प्रसंस्करण के बाद कॉफी बीन्स को सुखाया जाता है। सुखाने का उद्देश्य उनमें मौजूद अतिरिक्त नमी कम करना है, ताकि बीन्स को सुरक्षित तरीके से आगे रखा और इस्तेमाल किया जा सके।सोर्स- सोशल मीडिया
Green coffee beans are produced
सुखाने और आगे की मिलिंग के बाद कॉफी के बीज अपने सामान्य हरे रंग में दिखाई देते हैं। इन्हें आम तौर पर ग्रीन कॉफी कहा जाता है और इन्हें भूनने से पहले व्यापार और परिवहन के लिए तैयार किया जाता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Then comes the turn for roasting
ग्रीन कॉफी बीन्स को नियंत्रित तापमान पर भुना जाता है। रोस्टिंग के दौरान बीन्स के स्वाद और सुगंध को विकसित किया जाता है। हल्की, मध्यम और गहरी रोस्टिंग से कॉफी का स्वाद अलग हो सकता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Roasted beans are ground
रोस्टिंग के बाद बीन्स को जरूरत के अनुसार पीसा जाता है। पीसने की बारीकी कॉफी बनाने की विधि के अनुसार बदली जा सकती है। सही पीस और पानी के साथ कॉफी से स्वाद और सुगंध बेहतर तरीके से निकाली जा सकती है।सोर्स- सोशल मीडिया
Coffee is made as soon as water is added
अब पिसी हुई कॉफी को पानी के साथ तैयार किया जाता है। फिल्टर कॉफी, फ्रेंच प्रेस और एस्प्रेसो जैसी अलग-अलग विधियों में पानी और कॉफी का संपर्क अलग तरीके से होता है। पानी की गुणवत्ता भी अंतिम स्वाद को प्रभावित कर सकती है।सोर्स- सोशल मीडिया
Your cup, crafted from beans
आखिर में कई चरणों से गुजरकर कॉफी आपके कप तक पहुंचती है। यानी एक कप कॉफी के पीछे खेती से लेकर प्रसंस्करण, सुखाने, रोस्टिंग, पीसने और ब्रू करने तक की लंबी प्रक्रिया होती है।सोर्स- सोशल मीडिया

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