बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए खुशखबरी! 3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, रास्ते में मिलेंगे स्वर्ग जैसे नजारें
Amarnath Yatra 2026: आस्था और हिमालय की दुर्गम वादियों के बीच होने वाली ऐतिहासिक अमरनाथ यात्रा की तारीख का ऐलान हो चुका है। आने वाली 3 जुलाई से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू हो जाएगी। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के उस सौंदर्य को भी अपने भीतर समेटे हुए है जिसे दुनिया धरती का स्वर्ग कहती है।
- Written By: यति सिंह
अमरनाथ यात्रा के मुख्य पड़वों में से एक पहलगाम समुद्र तल से लगभग 7,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। लिद्दर नदी के किनारे देवदार के घने जंगलों के बीच से होकर ही पारंपरिक यात्रा का मार्ग आगे बढ़ता है। पहलगाम के सुंदर नजारे आपके सफर में चार चांद लगाने के लिए तैयार है।
पहलगाम से थोड़ी ही दूरी पर स्थित बेताब वैली पर्यटकों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है। साल 1983 की एक प्रसिद्ध फिल्म के नाम पर बनी यह घाटी अपने मखमली हरे मैदानों और चारों ओर बर्फीली चोटियों से यात्रियों का मन मोह लेती है।
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पहलगाम से आगे बढ़ते ही चंदनवाड़ी का पड़ाव आता है जहाँ से असली पहाड़ी और संकरे रास्तों का रोमांच से भरा सफर शुरू होता है। यहाँ की ठंडी हवाएं और झरने यात्रियों में एक नई ऊर्जा भर देते हैं।
चंदनवाड़ी के बाद लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित शेषनाग झील की शुरुआत होती है। इस झील का नीला और अत्यंत शांत पानी पहाड़ों के बीच किसी दिव्य लोक की तरह दिखाई देता है।
पवित्र गुफा से ठीक पहले आने वाला आखिरी पड़ाव पंचतरणी अपनी 5 पावन जलधाराओं के लिए जाना जाता है। इस स्थान पर बर्फीली हवाओं और खुले आसमान के नीचे श्रद्धालुओं का उत्साह अपने चरम पर होता है क्योंकि यहाँ से बाबा बर्फानी की दूरी बहुत कम रह जाती है।
अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं को अपना मेडिकल सर्टिफिकेट, उचित गर्म कपड़े, रेनकोट और मजबूत ट्रैकिंग जूते जैसी जरूरी तैयारियां समय से पूरी कर लेनी चाहिए ताकि यात्रा प्रशासन के नियमों के तहत यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे।
