

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय ओडिशा दौरे पर हैं, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा खुलासा किया। पीएम मोदी ने बताया कि कनाडा में G7 समिट के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें वॉशिंगटन आने और साथ में भोजन करने का निमंत्रण दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। पीएम ने कहा कि ओडिशा की धरती ने उन्हें खींच लिया, और यही उनकी प्राथमिकता रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनका दिल महाप्रभु जगन्नाथ की धरती की ओर खिंच गया। उन्होंने बताया कि ट्रंप के निमंत्रण के बावजूद उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें ओडिशा की जनता के साथ जुड़ने और उनके बीच आकर संवाद करने की इच्छा थी। इस बयान से सभा में मौजूद लोगों का उत्साह दोगुना हो गया।
कांग्रेस के शासन को बताया अटकाने-लटकाने का मॉडल अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद देश ने कांग्रेस का शासन देखा, जिसमें सुशासन की कमी, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की धीमी गति ने देश को पीछे रखा। मोदी ने दावा किया कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद पहली बार देश ने तेज़ और ठोस विकास का अनुभव किया है उन्होंने कहा कि देश के कई राज्य, जहां पहले कभी बीजेपी की सरकार नहीं थी, अब तेज़ी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में हिंसा और अस्थिरता की जगह अब प्रगति और शांति का वातावरण है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव बीजेपी की नीतियों और जनसेवा के संकल्प का नतीजा है।
ओडिशा में डबल इंजन सरकार से मिल रहा डबल फायदा
प्रधानमंत्री ने ओडिशा की स्थिति पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले यहां भ्रष्टाचार, लालफीताशाही और पिछड़ापन हावी था, लेकिन बीते एक साल में डबल इंजन सरकार ने यहां उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों और युवाओं तक अब योजनाओं का लाभ सीधा पहुंच रहा है।
मोदी ने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने ओडिशा को नई दिशा दी है और अब राज्य देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास की इस गति को और तेज़ करने के लिए बीजेपी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।