सरकारी अस्पताल में आग लगने के बाद हाल चाल जानते सीएम, फोटो- सोशल मीडिया
Cuttack Hospital Fire: जब कटक के अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग में भर्ती वे मरीज, जो पहले से ही अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत किसी बीमारी के रूप में नहीं, बल्कि आग के रूप में उनके करीब खड़ी है। इस भीषण अग्निकांड ने पूरे अस्पताल परिसर को एक श्मशान जैसी शांति में बदल दिया है, जहां अब केवल अपनों को खोने वाले परिवारों की सिसकियां और दहशत का माहौल बचा है।
हादसा सोमवार तड़के करीब 3 बजे हुआ, जब ट्रॉमा केयर के इमरजेंसी विभाग की पहली मंजिल पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सबसे दुखद पहलू यह है कि इस हादसे में अब तक 10 लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जान गंवाने वाले ज्यादातर वे बदनसीब मरीज थे, जो उस वक्त ट्रॉमा केयर के आईसीयू (ICU) में भर्ती थे और अपनी गंभीर स्थिति के कारण वहां से हिलने-डुलने में भी असमर्थ थे। जैसे ही आग लगी, अस्पताल के फायर सेफ्टी सिस्टम को सक्रिय किया गया और मौके पर मौजूद फायर विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी।
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों तक आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की। इस दौरान पूरे अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया था। मरीजों के परिजन अपने अपनों की सलामती के लिए घबराकर इधर-उधर भाग रहे थे।
यह भी पढ़ें: रातभर इंतजार करते रहे नेता, कांग्रेस के 4 विधायक ‘नॉट रिचेबल’…बिहार में राज्यसभा के लिए वोटिंग से पहले खेला!
स्थिति को बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन ने तत्परता दिखाई और आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया। जिन मरीजों की हालत बहुत ज्यादा नाजुक थी, उन्हें आनन-फानन में अस्पताल के न्यू मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, ताकि उनका इलाज न रुके।
ओडिशा मुख्यमंत्री मोहन माझी खुद हालात का जायजा लेने एससीबी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और उन मरीजों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की, जो इस हादसे से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने न्यू मेडिसिन बिल्डिंग में जाकर घायलों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक के जिला कलेक्टर और डीसीपी जैसे प्रशासन के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद हैं, जो राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल 5 मरीजों की हालत अब भी काफी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।