

Manipur Senapati Violence: हथियारबंद बदमाशों ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक नागा गांव पर हमला किया और कई घरों में आग लगा दी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, बदमाशों ने मंगलवार रात करीब 10 बजे तुमनौपोकपी थंगल गांव के पास स्थित तोकपा लियांगमई नागा गांव को निशाना बनाया। फिलहाल कितने घरों को निशाना बनाया गया, इसकी सही जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले सोमवार, 10 अगस्त को मणिपुर के सेनापति जिले के काइलेनजांग गांव में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कम से कम पांच खाली घरों में आग लगा दी। आगजनी के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, काइलेनजांग गांव सेनापति पुलिस स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। यह गांव कुकी समुदाय का है और काफी समय से खाली पड़ा हुआ था। अज्ञात लोगों ने गांव के करीब पांच घरों को निशाना बनाया और उनमें आग लगा दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हालांकि, अभी तक उन लोगों की पहचान नहीं हो सकी है, जिन्होंने गांव के खाली घरों में आग लगाई। घटना की जानकारी मिलने के बाद असम राइफल्स की एक टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने पाया कि आग की चपेट में आए ज्यादातर खाली घर पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के दौरान किसी तरह की गोलीबारी की आवाज नहीं सुनी गई। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि आगजनी के समय इलाके में कोई गोली चलने की आवाज नहीं आई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि काइलेनजांग गांव 1992 के नगा-कुकी संघर्ष के बाद से खाली पड़ा था। यह संघर्ष जमीन से जुड़े विवाद को लेकर हुआ था।
उस दौरान गांव के करीब आठ से दस परिवार विस्थापित हो गए थे। बाद में कुकी ग्रामीणों ने दोबारा गांव में बसना शुरू किया और 2023 से पहले यहां कुकी समुदाय के लोग फिर से रहने लगे थे, नगा-कुकी-जो संघर्ष उस समय और बढ़ गया, जब 13 मई को मणिपुर के नोनी और कांगपोकपी जिलों में दो अलग-अलग घात लगाकर किए गए हमलों में चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद कुकी समूह पर छह नगा लोगों के कथित अपहरण और हत्या का भी आरोप लगा।
इससे पहले भी 29 जुलाई को मणिपुर में हिंसा भड़की थी, जब नोनी जिले से गोलीबारी की घटना सामने आई थी। नोनी जिले में नागा विलेज गार्ड (NVG) के एक सदस्य की मौत हो गई और पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की कोबरा बटालियन के दो जवान भी शामिल थे। इस घटना के बाद से आगजनी की घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।