लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाना चाहते हैं निर्दलीय सांसद मोहम्मद हनीफा जान, मोदी-राहुल दोनों से मिलने को तैयार
लोकसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसद मोहम्मद हनीफा जान की प्रमुख मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की है। जिसके लिए वह किसी से भी मिलने के लिए तैयार हैं। वह पीएम मोदी और राहुल गांधी से भी मिलने को तैयार हैं।
- Written By: मृणाल पाठक
मोहम्मद हनीफा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: देश की 18वीं लोकसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसद मोहम्मद हनीफा जान की प्रमुख मांग छठी अनुसूची और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश करनी है। इसके लिए वह किसी से भी मिलने के लिए तैयार हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के नेताओं से भी संपर्क करने की कोशिश करेंगे, ताकि लद्दाख को राज्य का दर्जा दिया जा सके।
नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा देने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले हनीफा जान ने कहा कि वह फिलहाल किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। हनीफा जान ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि लद्दाख में इस बार का चुनाव अलग था। अब तक चुनाव धार्मिक या क्षेत्रीय आधार पर होते थे। इस बार लोगों ने केवल मुद्दों पर वोट दिया है।
वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। लद्दाख में पिछले कुछ वर्षों में संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इन दो मांगों के अलावा एक अलग लोक सेवा आयोग और करगिल तथा लेह को अलग-अलग लोकसभा सीट देने की मांग भी शामिल है। यह चार सूत्री एजेंडा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ को एक साथ लेकर आया था।
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गृह मंत्रालय ने हालांकि चुनाव से पहले उनकी प्रमुख मांगों को ठुकरा दिया। गृह मंत्रालय के इनकार करने के कारण लेह में पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। चुनाव से ठीक पहले आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था।
हनीफा जान ने कहा, ”पिछले पांच वर्षों से लोग केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था के बारे में शिकायत कर रहे हैं। वे भविष्य में अपने रोजगार को लेकर चिंतित हैं। कई युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। जो लोग पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। यह लद्दाख में एक आम मुद्दा है।”
नव निर्वाचित सांसद ने कहा, ”हम पिछले पांच वर्षों से इन मुद्दों पर लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने भी चुनावों में यही मुद्दे उठाए थे। अगर आप मत प्रतिशत को एक साथ जोड़ दें तो लद्दाख के 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे यथास्थिति से खुश नहीं हैं और वे इन मुद्दों का समाधान चाहते हैं। ..सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए कि लोगों का जनादेश क्या है।”
लद्दाख के सांसद ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बैठक की और कहा कि उन्होंने चार सूत्री मांगें कांग्रेस नेता के साथ साझा कीं। हनीफा जान ने कहा, ” राहुल गांधी के साथ बैठक अच्छी रही। हमने लद्दाख के लोगों की मांगों को विस्तार से साझा किया और पूछा कि वे हमें किस हद तक समर्थन दे सकते हैं।”
सांसद का कहा- ”मैंने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, मैं सरकार के प्रतिनिधियों से भी मिलूंगा और मुद्दों को उठाऊंगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार भी लद्दाख के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देगी और उनका समाधान करेगी।”
सांसद ने कहा, ” मैं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सभी दलों के साथ-साथ राजग के पास भी जाऊंगा। अगर इससे बात नहीं बनी तो मैं भारत के लोगों के पास जाऊंगा क्योंकि लद्दाख के लोगों ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। हमने देश को सुरक्षित रखने के लिए सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। आज लद्दाख को भारत के लोगों के समर्थन की जरूरत है।”
–एजेंसी इनपुट के साथ
