शाहरुख खान हुए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित, भाषण से जीता दर्शकों का दिल

एक्टर शाहरुख खान 10 अगस्त को लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल के 77वें संस्करण में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, पार्डो अला कैरियरा से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय व्यक्तित्व बन गए। शाहरुख खान ने हमेशा की तरह अपने सदाबहार आकर्षण से दर्शकों को दिल जीत लिया।
शाहरुख खान हुए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित, भाषण से जीता दर्शकों का दिल
(सोर्स-सोशल मीडिया)
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मुंबई: बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ने अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि प्राप्त कर ली है। 10 अगस्त को एक्टर लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल के 77वें संस्करण में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, पार्डो अला कैरियरा से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय व्यक्तित्व बन गए। इस अवार्ड को जीत कर शाहरुख खान ने साबित कर दिया कि वह बॉलीवुड के किंग खान है।

शाहरुख खान ने हमेशा की तरह अपने सदाबहार आकर्षण से दर्शकों को दिल जीत लिया है। फेस्टिवल से कई तस्वीरें ऑनलाइन सामने आईं, जिनमें शाहरुख को अपनी मौजूदगी से दर्शकों को दीवाना बनाते हुए देखा जा सकता है। स्लीक ब्लैक ब्लेजर और मैचिंग ट्राउजर पहने शाहरुख का शानदार लुक निश्चित रूप से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाला था। उनके लंबे बालों ने उनके लुक को बेहद आकर्षक बना दिया।

भाषण से जीता दर्शकों का दिल

शाहरुख खान के भाषण पर लगातार तालियां बजती रहीं और अन्य उत्साही प्रतिक्रियाएं मिलीं। लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल के इंस्टाग्राम हैंडल पर फेस्टिवल से शाहरुख की तस्वीरें और वीडियो भरे पड़े हैं। शाहरुख ने अपने स्वागत की शुरुआत गर्मजोशी से की। उन्होंने अपने हाथों वाले पोज का जिक्र करते हुए कहा कि आप सभी का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे इतनी बड़ी बांहों से स्वागत किया। स्क्रीन पर मेरे द्वारा किए गए स्वागत से भी ज्यादा बड़ी।

एक्टर ने कहीं ये बातें

किंग खान ने कहा कि यह लोकार्नो का एक बहुत ही सुंदर, बहुत ही सांस्कृतिक, बहुत ही कलात्मक और बेहद गर्म शहर है। बहुत सारे लोग एक छोटे से चौक में बैठे हैं और बहुत गर्म हैं। यह बिल्कुल भारत में घर होने जैसा है। इसके बाद शाहरुख ने सिनेमा पर अपने विचार शेयर किए। उन्होंने कहा कि मैं वास्तव में मानता हूं कि सिनेमा हमारे युग का सबसे गहरा और प्रभावशाली कलात्मक माध्यम रहा है। मुझे कई वर्षों तक इसका हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है और इस यात्रा ने मुझे कुछ सबक सिखाए हैं।

कला और फिल्म निर्माण पर की बात

एक्टर ने कला और फिल्म निर्माण पर कहा कि कला जीवन को सर्वोपरि मानने का कार्य है। यह हर मानव निर्मित सीमा से परे मुक्ति के स्थान पर जाती है। इसे राजनीतिक होने की आवश्यकता नहीं है। इसे विवादास्पद होने की आवश्यकता नहीं है। इसे उपदेश देने की आवश्यकता नहीं है। इसे बौद्धिक होने की आवश्यकता नहीं है। इसे नैतिकता की आवश्यकता नहीं है।

एक्टर में खुद को बताया खलनायक

एक्टर ने आगे कहा कि कला और सिनेमा को केवल वही कहने की आवश्यकता है जो वह दिल से महसूस करता है, अपनी सच्चाई को व्यक्त करता है। और ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए यही सबसे बड़ी रचनात्मकता है। मैं खलनायक रहा हूं, मैं चैंपियन रहा हूं, मैं सुपरहीरो रहा हूं, मैं जीरो रहा हूं, मैं एक अस्वीकृत प्रशंसक रहा हूं, और मैं एक बहुत ही लचीला प्रेमी रहा हूं।

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