

Robbery Case News In Yavatmal: यवतमाल जिले के वडगांव जंगल थाना क्षेत्र और स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने संयुक्त रूप से एक बेहद साहसिक और त्वरित कार्रवाई करते हुए अकोला बाजार के एक प्रतिष्ठित किराना व्यापारी के साथ हुई सनसनीखेज लूटपाट का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले सात शातिर बदमाशों को धर-दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए दुपहिया वाहन और लूटी गई नकदी सहित कुल 3 लाख 10 हजार रुपये का कीमती माल बरामद किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूई निवासी सैयद ईजाज मुसा अकोला बाजार में 'केजीएन कन्फेसरी' नामक किराना दुकान चलाते हैं। बीते 5 जून की रात को वे अपनी दुकान हमेशा की तरह बंद करके, काउंटर की नकदी 55 हजार रुपये लेकर अपने दो कामगारों के साथ मोपेड पर सवार होकर अपने गांव रूई वाई की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान दो अलग-अलग बाइकों पर सवार चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू किया। बोरीसिंह गांव परिसर के पास सुनसान रास्ते पर अंधेरे का पूरा फायदा उठाते हुए इन बदमाशों ने व्यापारी सैयद ईजाज मुसा की गाड़ी को रुकवाया और उन पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। इसके बाद बदमाश मोपेड की डिक्की को जबरन खोलकर उसमें रखे 55 हजार रुपये लूटकर रफूचक्कर हो गए। घटना के बाद घायल व्यापारी के साथ मौजूद कामगार सोहेल यूसुफ कुरैशी (निवासी रूई वाई) ने तुरंत वडगांव पुलिस थाने पहुंचकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
व्यापारी पर हमले और लूट की इस गंभीर वारदात की सूचना मिलते ही यवतमाल के पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता और अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात ने बिना समय गंवाए सीधे घटनास्थल का मुआयना किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यवतमाल एसडीपीओ, एलसीबी और वडगांव जंगल थाने के सर्वश्रेष्ठ पुलिस कर्मियों को मिलाकर 5 विशेष टीमें गठित की गईं और आरोपियों को किसी भी हाल में ढूंढ निकालने के कड़े निर्देश दिए गए। जांच टीमों ने पेशेवर तरीके से काम करते हुए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और गुप्त सूचनाओं के आधार पर सबसे पहले रूई गांव के ही रहने वाले एक संदेहास्पद युवक शेख हुसेन शेख मेहबूब को हिरासत में लिया। पुलिसिया अंदाज में जब शेख हुसेन से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने उगल दिया कि उसने चंद रुपयों और पैसों के लालच में आकर अपने अन्य सात साथियों के साथ मिलकर इस पूरी साज़िश को रचा और अंजाम दिया था।
पकड़े गए मुख्य आरोपी शेख हुसेन ने पुलिस को यह भी बताया कि लूटी गई मुख्य रकम उनके साथी शुभम तुरे के पास सुरक्षित रखी हुई है और पुलिस की भनक लगते ही गिरोह के अन्य सभी सदस्य पैसे बांटकर जिले से बाहर भागने की तैयारी कर रहे हैं। इस इनपुट के मिलते ही अलर्ट हुई एलसीबी की टीम ने तुरंत जाल बिछाया और तकनीकी लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए दारव्हा इलाके से भागने की फिराक में खड़े बाकी सभी आरोपियों को चौतरफा घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अन्य शातिर आरोपियों में राहुल कवले (निवासी रूई), शुभम तुरे (निवासी तरनोली), आकाश चव्हाण (निवासी तरनोली), रोहण राठोड (निवासी तरनोली), सैयद साजेब सैयद मेहफुज (निवासी रूई) और विशाल मेश्राम (निवासी मांगुल) शामिल हैं।
इस पूरी शानदार और त्वरित कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में एलसीबी थाना निरीक्षक सतीश चवरे, वडगांव जंगल के पुलिस निरीक्षक विकास दांडे, एपीआई मनीष गावंडे, शिवशंकर कायंदे, सागर इंगले, भाऊराव बोकडे, तथा एलसीबी के प्रशांत हेडाऊ, रूपेश पाली, ऋतुराज मेडवे और किशोर झेंडेकर आदि जांबाज पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।