

Yavatmal Tribal Girls Missing News: यवतमाल जिले के रालेगांव तालुका में पिछले छह महीनों के भीतर 34 आदिवासी लड़कियों के रहस्यमय तरीके से गायब होने की खबर ने सनसनी फैला दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर गायब किया गया है। इस मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें एक लड़की और उसके प्रेमी के बीच बातचीत हो रही है। दावा किया जा रहा है कि इस बातचीत में मानवी तस्करी के नेटवर्क और लड़कियों को दूसरे राज्यों में बेचने के तौर-तरीकों का खुलासा हुआ है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल चव्हाण ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि इस पूरी तस्करी का मुख्य सरगना रालेगांव का रहने वाला मजहर कुरेशी है। चव्हाण के अनुसार, यह केवल अपहरण का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे देह व्यापार, मानवी तस्करी और धर्मांतरण जैसी गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने इस मामले में 'लव जिहाद' के एंगल से भी जांच करने की मांग की है और गृह विभाग को सूचित किया है कि लड़कियों के माता-पिता को पैसों का लालच देकर उन्हें फंसाया जा रहा है।
आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें इस मामले की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उइके ने उपविभागीय अधिकारी (SDO) बंसल से भी चर्चा की और कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, मंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद अभी तक औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आश्चर्य व्यक्त किया है।
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध आरोपी को पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह तेलंगाना भागने की कोशिश कर रहा था, तब उसे दोबारा पकड़ा गया। प्रफुल्ल चव्हाण ने मांग की है कि जिन पुलिसकर्मियों ने आरोपी की मदद की है, उन्हें जांच से दूर रखा जाए और निलंबित किया जाए। फिलहाल प्रशासन पर इन लापता लड़कियों को ढूंढने और तस्करी के गिरोह को जड़ से खत्म करने का भारी दबाव है।