बहन के प्यार में शुरू की कैंसर से जंग, 25 सालों से गरीबों को नई जिंदगी दें रहे सतीश मुस्कंदे
Cancer Awareness Story India: यवतमाल के शिक्षक सतीश मुस्कंदे ने बहन की याद में 25 सालों से कैंसर मरीजों की सेवा का संकल्प निभाया। उन्होंने ज्योती कैंसर रिलीफ सेंटर बनाया।
- Written By: प्रिया जैस
कैंसर जागरूकता मुहिम (AI Generated Photo)
Yavatmal Teacher Satish Muskande: “कैंसर” यह शब्द सुनते ही लोग सिहर उठते हैं, मन में डर समा जाता है। लेकिन यवतमाल के एक शिक्षक ने पिछले 25 सालों से गरीब और जरूरतमंद कैंसर मरीजों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया है। अब तक उन्होंने सैकड़ों लोगों को नई जिंदगी दी है। यह संघर्ष शुरू हुआ था अपनी प्यारी बहन के प्रति प्रेम से। 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर जानते हैं उस शिक्षक की प्रेरक कहानी, जो डॉक्टर नहीं हैं, परंतु लोगों को जीवनदान दे रहे हैं। उनका नाम है सतीश मुस्कंदे। मुस्कंदे ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई पूरी की और आर्णी तहसील की एक जिला परिषद स्कूल में नौकरी पाई। जीवन ठीक चल रहा था, तभी उनकी बहन ज्योती को कैंसर ने घेर लिया।
सतीश मुस्कंदे ने फिर छेड़ी मुहीम
परिवार ने हर संभव कोशिश की, परंतु ज्योतीताई को बचाया नहीं जा सका। इस हादसे ने सतीश मुस्कंदे का हृदय तोड़ दिया। उन्होंने ठान लिया मेरी बहन तो नहीं रही, पर किसी और की बहन को यूं मरने नहीं दूंगा। यही सोच लेकर उन्होंने कैंसर के प्रति जनजागृति अभियान शुरू किया। मुस्कंदे का मानना है अगर कैंसर का पता समय रहते चल जाए तो उचित इलाज से मरीज को बचाया जा सकता है।
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किसी गरीब कैंसर मरीज की जानकारी मिलते ही वे तुरंत उससे मिलने पहुँचते हैं, अस्पताल तक लेकर जाते हैं, इलाज के लिए आर्थिक मदद करते हैं और यह देखते हैं कि उसे सरकारी योजनाओं से मुफ्त इलाज कैसे मिल सके। वे मरीज और उसके परिवार को मानसिक रूप से भी सहारा देते हैं। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने सैकड़ों गरीब मरीजों को जीवनदान दिया है। आज कई समाजसेवी और मित्र उनके इस अभियान से जुड़ चुके हैं। राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक वे लगातार यह प्रयास करते हैं कि कैंसर मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें।
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मरीजों के लिए खोला अपना घर
अपनी बहन की स्मृति में सतीश मुस्कंदे ने ‘ज्योती कैंसर रिलीफ सेंटर’ की स्थापना की। बाद में उन्होंने अपने ही घर को मरीजों के लिए खोल दिया। घर का एक हिस्सा बनवाकर उसका नाम रखा ‘ज्योती कैंसर रिलीफ भवन। जुलाई में इस भवन का लोकार्पण हुआ और महज तीन महीनों में यहां मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही बढ़ गई है।
आज होगा कैंसर जनजागरूकता व सहायता शिविर
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (7 नवंबर) के अवसर पर यवतमाल जिले के गरीब और जरूरतमंद कैंसर मरीजों के लिए जनजागरूकता, मार्गदर्शन और सहायता शिविर आयोजित किया गया है। यह शिविर ज्योती कैंसर रिलीफ भवन, पृथ्वीराज नगर, आर्णी रोड, यवतमाल में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इस शिविर में शासन और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा दी जाने वाली मदद योजनाओं की विस्तृत जानकारी व मार्गदर्शन मुफ्त दिया जाएगा।
