

Highlights:
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षकों ने उत्साह के साथ मताधिकार का प्रयोग किया।
उमरखेड़ तहसील में 623 मतदाताओं में से 587 ने मतदान किया।
उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया।
Yavatmal MLC Election: अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव यवतमाल जिले में उत्साहपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। शाम 4 बजे तक लगभग 80.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 2 बजे तक जिले में 59.91 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का उपयोग किया। जिले में कुल 6,932 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें 4,903 पुरुष और 1,969 महिला मतदाता शामिल हैं।
मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए चुनाव प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्था की थी। इस चुनाव में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनका राजनीतिक भविष्य अब मतपेटियों में बंद हो गया है। आगामी 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। ऐसे में अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में किस उम्मीदवार की जीत होगी, इस पर पूरे पश्चिम विदर्भ की नजरें टिकी हुई हैं।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उमरखेड़ तहसील में भी शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यहां कुल 623 मतदाताओं में से 587 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस तरह तहसील में 94.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुबह से ही मतदान केंद्र पर शिक्षकों की कतारें देखने को मिलीं।
मतदान का निर्धारित समय शाम 4 बजे समाप्त होने के बाद भी केंद्र पर मतदाताओं की भीड़ बनी हुई थी। कतार में खड़े मतदाताओं को मतदान का अवसर देने के लिए चुनाव प्रशासन ने टोकन वितरित किए। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और नियोजनबद्ध तरीके से संपन्न हुई। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में जिले के मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
इस चुनाव में अंग्रेजी कॉन्वेंट स्कूलों के शिक्षकों का रुख भी निर्णायक माना जा रहा है। हालांकि, कॉन्वेंट शिक्षकों के मतदान को लेकर मान्यता प्राप्त अनुदानित स्कूलों के कुछ शिक्षकों में नाराजगी दिखाई दे रही है। कुछ शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि जिन अंग्रेजी कॉन्वेंट स्कूलों के शिक्षकों के पास आधिकारिक 'शालार्थ आईडी' उपलब्ध नहीं है, वे मतदाता कैसे बने ? इस मुद्दे को लेकर शिक्षक वर्ग में चर्चा जारी है।
चुनाव में 26 उम्मीदवार होने के कारण किसी एक उम्मीदवार के लिए केवल पहली पसंद के मतों के आधार पर जीत हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा है। ऐसे में पहली पसंद के साथ दूसरी, तीसरी और चौथी पसंद के मत भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। नितीन बाराहाते ने कहा कि इस चुनाव में पसंद क्रमांक 1 के साथ ही पसंद क्रमांक 2, 3 और 4 के मत भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।