Yavatmal:झाड़ियों में बिना चारा-पानी बांधे थे मवेशी; अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज, 28 गोवंशीय पशु मुक्त

Kalamb Police Cattle Rescue: यवतमाल के कलंब में पुलिस ने चक्रावती नदी किनारे और दरगाह परिसर में छापा मारकर अवैध कटाई के उद्देश्य से बांधकर रखे गए 28 गोवंशीय पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया है।
Kalamb Police Cattle Rescue
कलंब पुलिस ने किया 18 मवेशियों का रेसक्यू
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Bakrid Cattle Smuggling Case In Kalamb: आगामी बकरीद पर्व की पृष्ठभूमि में गोवंश तस्करी और पशुओं की अवैध कटाई पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से कलंब पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने विभिन्न संदेहास्पद ठिकानों पर छापेमारी करते हुए कुल 28 गोवंशीय पशुओं को तस्करों के चंगुल से सफलतापूर्वक मुक्त कराया है।

इस पूरे मामले में पुलिस ने क्रूरतापूर्वक पशुओं को बंधक बनाने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

गुप्त सूचना पर पुलिस का छापा

कलंब पुलिस को 26 मई को एक विश्वसनीय माध्यम से गुप्त सूचना मिली थी कि कलंब स्थित चक्रावती नदी किनारे ईदगाह परिसर में कुछ अज्ञात लोगों ने गोवंशीय पशुओं को अवैध कटाई के उद्देश्य से छिपाकर बांध रखा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए स्थान पर अचानक छापा मारा। वहां पुलिस को कुल 11 गोवंशीय पशु मिले, जिन्हें बेहद क्रूरता के साथ बिना चारा और पानी के, झुलसाने वाली तेज धूप में झाड़ियों के बीच बांधकर छिपाया गया था। जब्त किए गए इन 11 पशुओं की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 66 हजार 500 रुपये आंकी गई है।

दरगाह परिसर से भी पशु बरामद

ईदगाह परिसर में मिली इस सफलता के बाद कलंब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और आस-पास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी कड़ी में पुलिस टीम ने बासुरीवाले बाबा दरगाह परिसर और चक्रावती नदी के तटीय इलाकों में भी दूसरी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की। इस दूसरे ठिकाने से पुलिस ने 17 अन्य गोवंशीय पशुओं को बरामद करने में सफलता हासिल की। इस प्रकार दो अलग-अलग स्थानों से कुल मिलाकर 28 गोवंशीय पशुओं को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, मुक्त कराए गए इन सभी पशुओं की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 53 हजार रुपये के आस-पास है।

पशुओं के मालिक अब भी अज्ञात

कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर पशुओं के मालिकों और उन्हें वहां बांधने वाले संदिग्धों के संबंध में काफी पूछताछ की, लेकिन इस विषय में कोई भी ठोस जानकारी या दस्तावेज सामने नहीं आ सके। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल का विधिक पंचनामा तैयार कर सभी पशुओं को अपनी कस्टडी में ले लिया।

मुक्त कराए गए इन बेजुबान पशुओं के उचित रखरखाव और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था के लिए उन्हें स्थानीय गोसेवा संवर्धन ट्रस्ट में सुरक्षित भेज दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

इस मामले में कलंब पुलिस स्टेशन में 'महाराष्ट्र पशुसंरक्षण अधिनियम 1976' तथा 'प्राणी क्रूरता निवारण अधिनियम 1960' के तहत अज्ञात फरार आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीकृत किया गया है। यह पूरी सफल कार्रवाई यवतमाल पुलिस धीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने और कलंब के पुलिस निरीक्षक राजेश राठोड के सीधे मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

इसमें सहायक पुलिस निरीक्षक अमित जाधव, पुलिस उपनिरीक्षक महेंद्र सालवे तथा उनके अधीनस्थ पुलिस कर्मचारियों की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अब क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।

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