यवतमाल में 98% भर चुके बांध, लेकिन खेत सूखे! टूटी नहरों ने रोका पानी, किसानों का फूटा दर्द

Yavatmal Dam Water Storage: यवतमाल के बांध 98% से अधिक भर चुके हैं, लेकिन टूटी नहरों से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा। किसानों की रबी फसल संकट में, सिंचाई व्यवस्था पर सवाल।
Yavatmal Dam Water Storage: यवतमाल के बांध 98% से अधिक भर चुके हैं, लेकिन टूटी नहरों से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा। किसानों की रबी फसल संकट में, सिंचाई व्यवस्था पर सवाल।
बांध भरे (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
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98 Percent Water Level: इस साल बारिश इतनी विनाशकारी रही है कि किसान सचमुच भूखे मरने को मजबूर हो गए हैं। हालांकि, इस भारी बारिश के कारण इस साल जिले के महत्वपूर्ण बांध भर गए हैं। सितंबर तक जारी बारिश के कारण जिले की परियोजनाओं में औसतन 98 प्रतिशत जल संग्रहण हो चुका है। इस जल संग्रहण के कारण अब पश्चिमी विदर्भ में पेयजल की समस्या दूर हो गई है।

यवतमाल जिले की बेम्बला परियोजना में 168.67 दलघमी जल संग्रहण है, यानी 91.72 प्रतिशत जल संग्रहण। पूस परियोजना में 91.26 दलघमी और अरुणावती परियोजना में 169.67 दलघमी जल संग्रहण है। शेष मध्यम परियोजनाओं में भी जल संग्रहण संतोषजनक है। इसलिए, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।

यवतमाल जिले की 6 परियोजना

यवतमाल जिले की छह मध्यम परियोजनाओं, अधरपुस, सायखेड़ा, गोकी, वाघाडी, बोरगांव और नवरगांव में जल भंडारण 100 प्रतिशत हो गया है। इस जल भंडारण के कारण, कुछ बांधों से मानसून की तरह नवंबर में भी पानी छोड़ना पड़ रहा है। इससे जिले में भूजल स्तर भी बढ़ा है। चूंकि परियोजनाएं पूरी तरह भर चुकी हैं, इसलिए अब बेम्बला, ईसापुर, पूस, गोकी, सायखेड़ा जैसे बड़े बांधों का पानी रबी की फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होगा। हालांकि, उम्मीद है कि बांध से पानी किसानों की ज़रूरतों के अनुसार विशिष्ट मात्रा में छोड़ा जाना चाहिए। उम्मीद है कि प्रशासन इस ओर ध्यान देगा।

  • 168.67 दलघमी बेम्बला परियोजना में
  • 91.26 दलघमी पूस परियोजना में
  • 169.67 दलघमी अरुणावती परियोजना में

नहीं हो पाएगी नुकसान की भरपाई

इस साल भारी बारिश के कारण कपास और सोयाबीन का नुकसान हुआ है। उस नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। अब मैं गेहूं बोने जा रहा हूं। लेकिन हमारे इलाके में किसी भी बांध से पानी नहीं आ रहा है। हम आस-पास के खेतों से जितना हो सके उतना बोरवेल का पानी उधार लेंगे और फसल उगाएंगे। सरकार को फसल का उचित दाम देना चाहिए।

- शालिकराम आत्राम, किसान, ग्राम शरद

हमारे इलाके में कुछ लोग गेहूं के साथ चना भी बो रहे हैं। अगर उन्हें बांध से पानी मिल जाए, तो ठीक रहेगा। लेकिन इस साल हमारे अपने कुएं में भी पानी अच्छा है। एक बोरवेल भी है। मेरी सरकार से बस एक ही विनती है। वे कृषि पंप के लिए बिजली की सुचारू आपूर्ति जारी रखें।

- प्रकाश शिंदे, जोड़मोहा

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