

Highlights:
यवतमाल के निलोणा स्थित दीनदयाल प्रबोधिनी में 4 नवंबर को भाऊबीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान और श्रीवेद फाउंडेशन ने किसान आत्महत्याग्रस्त परिवारों की संघर्षशील महिलाओं के साथ दीपावली का पर्व मनाया।
गोदावरी अर्बन के उप महाप्रबंधक रवि इंगले ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की।
Yavatmal Bhaubeej Celebration: पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 'एकात्म मानवतावाद' की संकल्पना प्रस्तुत कर समाज के दीन-दलित और वंचित वर्गों के लिए कार्य किया। उनके विचारों से प्रेरित होकर दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान और श्रीवेद फाउंडेशन की ओर से प्रतिवर्ष स्वयंसिद्धा परियोजना की महिलाओं के साथ भाऊबीज मनाई जाती है। एक आर्थिक संस्था के रूप में 'गोदावरी अर्बन' हमेशा से महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अग्रसर रही है। संस्था की अध्यक्षा राजश्री पाटिल तथा प्रबंध निदेशक धनंजय तांबेकर के मार्गदर्शन में महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए 'अर्थ साक्षरता' अभियान जैसे उपक्रम प्रभावी रूप से चलाए जा रहे हैं।
जिस तरह किसान खेतों में मेहनत कर फसल उगाता है, उसी तरह इन महिलाओं ने भी संघर्ष करते हुए अपने परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है, ऐसा गौरवोद्वार गोदावरी अर्बन के उप महाप्रबंधक रवि इंगले ने व्यक्त किया। किसान आत्महत्याग्रस्त परिवारों को राहत दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान और श्रीवेद फाउंडेशन, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में निलोणा स्थित दीनदयाल प्रबोधिनी में बुधवार, 4 नवंबर को दीपावली के अवसर पर भाऊबीज कार्यक्रम आयोजित किया गया।
किसान आत्महत्याग्रस्त परिवारों की उन महिलाओं के लिए यह आयोजन किया गया था, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों का मजबूती से सामना करते हुए अपने परिवार का सहारा बनने की जिम्मेदारी निभाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता 'गोदावरी अर्बन' के उप महाप्रबंधक रवि इंगले ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, जिला बाल संरक्षण अधिकारी देवेंद्र राजूरकर तथा श्रीवेद फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रसाद फडणवीस उपस्थित थे। जिला बाल संरक्षण अधिकारी देवेंद्र राजूरकर ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं सुरक्षा के लिए शासन की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा महिलाओं को आश्वस्त किया।
अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात ने कहा कि पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा कठोर कदम उठाता है। महिलाओं को किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय पुलिस की मदद लेनी चाहिए। पुलिस प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ा है।