

Umarkhed Matang Community Morcha: अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण के समर्थन के साथ ही मातंग समाज को अनुसूचित जाति के मौजूदा आरक्षण से स्वतंत्र 8 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर उमरखेड़ में 2 सितंबर को सकल मातंग समाज की ओर से जनआक्रोश महामोर्चा निकाला जाएगा।
महामोर्चे की पृष्ठभूमि में समाज की विभिन्न मांगों तथा आंदोलन की भूमिका स्पष्ट करने के लिए पूर्व विधायक नामदेव ससाने के निवास पर पत्रकार परिषद आयोजित की गई। पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक नामदेव ससाने ने कहा कि अनुसूचित जाति में 59 जातियां शामिल हैं और इस समाज के विकास के लिए 13 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। हालांकि, सभी जातियों को आरक्षण का लाभ समान रूप से नहीं मिला है।
कुछ जातियां आज भी विकास की मुख्यधारा से काफी दूर हैं। इसलिए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी जातियों को न्याय दिलाने के लिए अनुसूचित जाति के आरक्षण का उपवर्गीकरण करना आवश्यक है। ससाने ने कहा कि मातंग समाज का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, हमें आरक्षण में अपना हिस्सा मिलना चाहिए। भले ही मातंग समाज अनुसूचित जाति की सूची में दूसरे क्रमांक पर है, लेकिन हमें आरक्षण का अपेक्षित लाभ नहीं मिला है। इसलिए हमारी मांग है कि समाज के पिछड़े वर्गों को उनकी जनसंख्या और सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर न्याय मिले।
उन्होंने अनुसूचित जाति में शामिल कम विकसित जातियों का 'अ', 'ब', 'क' और 'ड' श्रेणियों में उपवर्गीकरण करने की भी मांग की। उनका दावा है कि उपवर्गीकरण के माध्यम से आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से पिछड़े वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही 29 सितंबर को मुंबई में महामोर्चा निकालने की घोषणा की गई। पूर्व विधायक नामदेव ससाने ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आरक्षण का मुद्दा हल नहीं हो जाता, तब तक वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे।
ससाने ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ की जा रही गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, हम महापुरुषों के विचारों को अपनाकर संस्कारित बने है।
किसी का अपमान करना हमारी परंपरा नहीं है। हमें समाज में मेलजोल बनाए रखना चाहिए और अपने जायज अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष करना चाहिए। पत्रकार परिषद में उत्तमराव काले, डी. एस. ससाणे, दत्तात्रय काले, शेवंतराव गायकवाड, अतुल खंदारे, कैलास इंगोले, राजेश पटोणे, दामोदर इंगोले, कृष्णा लांबतीले तथा कृष्णा काले उपस्थित थे।