यवतमाल. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले संभाजी भिड़े पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया गया. वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं काले झंडे दिखाकर संभाजी भिड़े का काफिला रोकने का प्रयास किया. पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को डिटेन कर अवधूत वाड़ी पुलिस थाने में लाया. वहीं शहर में अनेक जगहों पर संभाजी भिडे के शहर आगमन को लेकर लगाए गए पोस्टरों को फाड दिया गया. संभाजी भिडे के खिलाफ सामाजिक संगठनाओं के आक्रमक रवैय्ये को देखते हुए शहर में तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हो गई थीं.
मनोहर कुलकर्णी उर्फ़ संभाजी भिड़े अपने विवादास्पद बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. उन्होंने अपने बयानों के माध्यम से महापुरुषों को लेकर आपत्तिजनक विवाद बयान दिया है. इतना ही नहीं तो महिला वर्ग को लेकर भी उन्होंने बेतुके बयान देने का काम किया है. संभाजी भिड़े के बयानों से आम लोगों की भावनाएं आहत हो रही है. समाज में सौहार्द के माहौल को गंदा करने की मनोहर कुलकर्णी की यह कोशिश वर्तमान सरकार के आशीर्वाद से शुरू हो रही है. हाल ही में उन्होंने महात्मा गांधी के बारे में बेहद आपत्तिजनक विवाद किया था. इन बयानों को ध्यान में रखते हुए मनोहर कुलकर्णी उर्फ संभाजी भिडे के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने की माँग की गई.
इस आंदोलन में चंद्रशेखर चौधरी, प्रा. घनश्याम दरणे, जावेद परवेज अन्सारी, आशिक खंतडे प्रा. मिनाक्षी सावलकर, उमेश इंगले, अजय किन्हीकर, वासुदेव महल्ले, उषाताई दिवटे, पल्लवी रामटेके, प्रमोदिनी रामटेके, रुपाली मासाल, दत्ता हाडके, डॉ. संदिप तेलगोटे, संगीता पवार, सुरज खोब्रागडे, सचिन खोडे, प्रफुल्ल शंभरकर, अजय शेंडे, आकाश वाणी, राज सोनवने, भारती सावते,कविता नागपुरे, पुष्पा सिरसाट, रत्नमाला कांबले, उमेश मेश्राम, अंकुश वाकड़े, सुकेशिनी खोबरागड़े, वंदना उरकुडे, शोभना कोटंबे, एड. जयसिंह चौहान, संजय वालके, रुपेश मेश्राम आदि शामिल हुए.
यवतमाल शहर के आर्णी रोड स्थित बलवंत मंगल कार्यालय में शनिवार को संभाजी भिड़े गुरुजी का व्याख्यान का आयोजन किया गया है. संभाजी भिड़े गुरुजी का व्याख्यान के दौरान कोई भी व्यवधान ना हो इसके लिए परिसर में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रखा गया है. यहां पर पुलिस उप अधीक्षक पीयूष जगताप के नेतृत्व में अवधूत वाडी पुलिस, लोहरा पुलिस, यवतमाल शहर पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एलसीबी की टीम के अधिकारी और कर्मचारी बंदोबस्त में थे. बंदोबस्त के दौरान पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों खाना खाने की भी फुर्सत नहीं मिली. इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक पीयूष जगताप और एलसीबी पुलिस निरीक्षक आधार सिंह सोनोने को अपने अपने सरकारी वाहन में भोजन करते हुए बंदोबस्त पर नजर गड़ाए बैठे देखा गया.
भारतीय तिरंगा, महात्मा गांधी और महिलाओं को लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करनेवाले मनोहर उर्फ संभाजी भिडे का यवतमाल शहर में आगमन होने के बाद वंचित बहुजन आघाडी की ओर से निषेध जताते हुए उनका कार्यक्रम रद्द कराने का प्रयास किया. इस समय पुलिस ने वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ताओं को डिटेन कर स्थानबद्ध किया. पुलिस ने युवा आघाडी जिलाध्यक्ष आकाश वाणी, शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल शंभरकर, महिला सचिव भारती सावते को स्थानबद्ध किया गया. जिसके बाद महिला अध्यक्ष धम्मवती वासनिक, शिवदास कांबले, कुंदन नगराले, अजय परचाके, नितीन वानखेडे, अनूप टेंभुर्णे आदि ने पुलिस थाने में जाकर प्रदर्शन भी किया.
आर्णी रोड स्थित बलवंत मंगल कार्यालय में शनिवार को श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदूस्थान की ओर से संभाजी भिडे के व्याख्यान का आयोजन किया गया था. हालांकि इस व्याख्यान के दौरान मीडिया कर्मचारियों को एंट्री नहीं दी गई थीं. वहीं जिस मंगल कार्यालय में व्यख्यान का आयोजन किया गया था, वहां पर साउंड सिस्टम की आवाज को भी पूरी तरह से कम रखा गया था. जिसके चलते मंगल कार्यालय के बाहर कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों तक भी भीतरी आवाज नहीं पहुंच पा रही थीं. भीतर से संभाजी भिडे के व्याख्यान का कोई भी शब्द सुनाई नहीं देने से मीडियाकर्मी वहां से लौट गए.
आर्णी रोड स्थित बलवंत मंगल कार्यालय में शनिवार को श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदूस्थान की ओर से संभाजी भिडे के व्याख्यान का आयोजन किया गया. हालांकि इस समय व्याख्यान कवरेज करने के लिए मीडिया कर्मियों को एंट्री नहीं होने से अधिकांश मीडियाकर्मचारी व्याख्यान का कवरेज नहीं कर पाए. लेकिन इस समय एक खबरी सूत्र ने हमें बताया कि संभाजी भिडे ने अपने व्याख्यान के माध्यम से मराठा लोगों को अपने अधिकारों के लिए लढने हेतु जागने का अनुरोध किया. वहीं मराठाओं को अब हथियार चलाने की कला सीखना चाहिए. युद्धशस्त्र को सीखाने के लिए एक स्कूल की स्थापना भी की जाएगी. जहां पर हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.