यवतमाल का सावली-अकोला बाजार मार्ग बना हादसों का रास्ता, जर्जर सड़क पर फिर उठी मरम्मत मांग

Yavatmal Sawali Akola Bazar Road: यवतमाल के सावली-अकोला बाजार मार्ग की जर्जर हालत से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सड़क की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपायों की मांग तेज हो गई है।
Yavatmal's Savli-Akola Bazar route has become a hotspot for accidents; demands for repairs to the dilapidated road have resurfaced.
यवतमाल, सड़क, गड्ढे, दुर्घटना, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Yavatmal Sawali Road Damage: यवतमाल सार्वजनिक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाला सावली-अकोला बाजार मार्ग की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। येडशी, पलशी, साखरातांडा और सुधाकरनगर क्षेत्र के मार्ग यात्रियों के लिए खतरनाक बन गए हैं। सड़क की जर्जर हालत, गहरे गड्डे, कमजोर शोल्डर और अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ गई है।

जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी है। हाल ही में यवतमाल से सावली सदोबा की ओर खाद लेकर जा रहा ट्रक पलट गया था। सौभाग्य से इसमें कोई गंभीर हानि नहीं हुई। हालांकि ट्रक को नुकसान हुआ। इस मार्ग पर वाहन चलाना बेहद कठिन हो गया है। इस पृष्ठभूमि में संबंधित विभाग को तत्काल ध्यान देकर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय करने की मांग बहुजन मुक्ति पार्टी के आर्णी केलापूर विधानसभा प्रभारी भुवन मुनेश्वर ने की है।

जर्जर सड़क बनी हादसों का केंद्र, स्थायी सुधार और सुरक्षा उपायों की मांग

पिछले एक वर्ष में इस मार्ग पर औसतन हर महीने दो से तीन दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में कई वाहन चालक और यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ को स्थायी अपंगता भी हुई है। कुछ लोगों की मृत्यु की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसलिए इस मार्ग को अब दुर्घटना प्रवण क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

सड़क किनारे डाला गया मुरूम बह जाने से वाहन किनारे नहीं ले जा पाते, कई स्थानों पर सड़क किनारे गहरे गड्ढे बन गए हैं जिससे सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर बढ़े हुए पेड़ और कांटेदार झाड़ियां दृश्यता कम कर देती हैं। जिससे मोड़ों पर वाहन चालकों को कठिनाई होती है।

संबंधित मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक होने के बावजूद बुनियादी सुरक्षा उपायों की कमी दिखाई देती है। कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, सुरक्षा रेलिंग और गति नियंत्रण की व्यवस्था नहीं है जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए केवल मरम्मत नहीं बल्कि दीर्घकालिक और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है ऐसा भुवन मुनेश्वर ने कहा।

अन्यथा तीव्र आंदोलन

इस मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को तुरंत मौके का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए डॉट यदि उपायों में देरी हुई तो बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से तीव्र आंदोलन का इशारा दिया गया है।

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