

Yavatmal Underground Drain Leakage Corruption: यवतमाल जिले के मारेगांव शहर के प्रभाग नंबर 4 में पिछले दिनों लगभग 50 लाख रुपये की लागत से भूमिगत (अंडरग्राउंड) नाली का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद, पहली ही बारिश में इसमें लीकेज की गंभीर समस्या सामने आने लगी है। इसके कारण पूरे प्रभाग में कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है और तालाब जैसी स्थिति बन गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। जगह-जगह लीकेज होने से संबंधित ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले ने निर्माण कार्य में संभावित भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।
साथ ही, इस समस्या ने नगर पंचायत की लापरवाही को भी सामने ला दिया है। समय रहते कार्य का निरीक्षण न किए जाने और समय पर मरम्मत न होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव से लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है और गंदगी बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रभाग के मुहम्मद शेख, खलील शेख, नितिन खैरे, मुजफ्फर शेख सहित अन्य नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा लीकेज की समस्या का तत्काल समाधान कर लोगों को राहत दी जाए।
मारेगांव नगर पंचायत पार्षद अंजुम नबी शेख ने कहा है कि "मैंने बड़ी मेहनत और लगन से इस क्षेत्र का विकास करने के उद्देश्य से लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास का फंड मंजूर कराया था। परंतु, संबंधित ठेकेदार ने भूमिगत नाली के निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग कर सरासर भ्रष्टाचार किया है। पहली ही बारिश में भूमिगत नाली लीक होने के कारण जगह-जगह जलजमाव हो गया है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
मारेगांव नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. मनीष मरकी ने कहा है कि "हाल ही में हुए इस भूमिगत नाली के निर्माण कार्य में निश्चित रूप से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिस वजह से पहली ही बारिश में यह नाली जगह-जगह से लीक हो गई। संबंधित ठेकेदार द्वारा किए गए इस पूरे कार्य की नगर पंचायत के मुख्याधिकारी (सीओ) को स्वयं संज्ञान लेकर बारीकी से जांच-पड़ताल करनी चाहिए।"
-नवभारत लाइव के लिए उमर शरीफ की रिपोर्ट