कृषि पंपों को अब मुफ्त बिजली, यवतमाल के सवा लाख किसानों को मिलेगा फायदा

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है। अधिवेशन में इसकी घोषणा की गयी है। इसके अध्यादेश और नियमों की घोषणा होना अभी बाकी है। अधिवेशन में की गयी घोषणा के अनुसार जिले के एक लाख 28 हजार 17 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले राज्य सरकार ने कृषि पंपों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी।
free electricity for agricultural pumps
कृषि पंप (फाइल फोटो)
Published on: 
Updated on: 

यवतमाल. महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है। अधिवेशन में इसकी घोषणा की गयी है। इसके अध्यादेश और नियमों की घोषणा होना अभी बाकी है। अधिवेशन में की गयी घोषणा के अनुसार जिले के एक लाख 28 हजार 17 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले राज्य सरकार ने कृषि पंपों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी। इसके बाद से किसानों का बिजली बिल बकाए हो गए हैं। इन बकाया बिजली बिलों पर भारी ब्याज दरें और जुर्माना लगाया जाता है। इसके चलते बड़ी संख्या में किसानों पर बिजली के मूल बकाए की तुलना में बिजली बिल बकाया है। अब किसानों का बिजली बिल किसानों के कुल उत्पादन से होने वाले मुनाफे से कहीं ज्यादा है। इससे किसान आर्थिक संकट में थे।

कृषि फीडर पर जिन स्थानों पर डीपी जली थी, वहां डीपी लगाने से पहले बकाया बिजली बिल भुगतान की शर्त लगायी गयी। ये पूरा प्रकार बंद होने जा रहा है। राज्य सरकार ने सत्र में कृषि पंपों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। हालांकि, यह योजना कब और कैसे होगी, क्या किसानों को भविष्य में कृषि पंप का बिजली बिल नहीं मिलेगा, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट नीति की घोषणा नहीं की गई है। इसे लेकर अब हर कोई उत्सुक है। किसानों का बकाया बिजली बिल माफ करने की घोषणा से किसानों के माथे की टेंशन कुछ हद तक कम हो गई है। हालांकि यह कैसे आकार लेगा, इस पर स्पष्टता अभी आनी बाकी है।

पांच लाख किसानों को मिलेगा लाभ

दारव्हा संभाग कृषि पंपों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यहां 23 हजार 89 मीटर वाले उपभोक्ता और 11 हजार 727 बिना मीटर वाले उपभोक्ता हैं। पांढरकवड़ा डिवीजन में 23 हजार 563 मीटर धारक और 4 हजार 351 गैर-मीटर धारक हैं। पुसद विभाग में 29 हजार 114 मीटर धारक और 13 हजार 131 गैर मीटर धारक कृषि पंप धारक हैं। यवतमाल डिवीजन में 16 हजार 832 मीटर वाले ग्राहक और 6 हजार 210 बिना मीटर वाले ग्राहक हैं। सरकार की घोषणा के मुताबिक इन सभी ग्राहकों को फायदा होगा।

किसानों के पास करोड़ों का बकाया

जिले में किसानों पर बिजली बिल का बकाया करोड़ों रुपये है। इतनी राशि चुकाना किसानों के लिए संभव नहीं है। इसके चलते सरकार ने खुद जिम्मेदारी ली है। अतिदेय ऋण का भुगतान करना। इससे पांच लाख किसानों को फायदा होगा।

कृषि पंप का 2000 करोड़ बकाया

जिले के किसानों पर दो हजार करोड़ रुपये बकाया जिले में एक लाख 27 हजार 667 कृषि पंप धारकों पर दो हजार 59 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से दारव्हा डिवीजन में 34 हजार 846 ग्राहकों पर 526 करोड़ रुपए बकाया है। पांढरकवड़ा संभाग में 27 हजार 892 किसानों का 450 करोड़ रुपए बकाया है। पुसद विभाग के 42 हजार 220 किसानों पर 802 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। यवतमाल डिविजन के 22 हजार 807 किसानों पर 2 हजार 59 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इन किसानों का बिजली बिल का बकाया 2 हजार 59 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।