यवतमाल में SIR की प्रारूप मतदाता सूची जारी, 19.88 लाख मतदाता दर्ज, आपत्तियों के लिए 30 सितंबर तक मिलेगा समय

Yavatmal Voter List: यवतमाल की प्रारूप मतदाता सूची जारी हो गई है। जिले में 19.88 लाख मतदाता दर्ज हैं। 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।
Yavatmal SIR Voter List
SIR प्रारूप मतदाता सूची प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Yavatmal SIR Voter List: यवतमाल जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यवतमाल जिले की सातों विधानसभा सीटों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत रविवार, 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई। संबंधित मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार जिले में कुल 19 लाख 88 हजार 288 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 10 लाख 22 हजार 986 पुरुष, 9 लाख 65 हजार 257 महिला और 45 तृतीयपंथी मतदाता शामिल हैं।

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक वणी में 2 लाख 56 हजार 305, रालेगांव में 2 लाख 61 हजार 100, यवतमाल में 2 लाख 93 हजार 134, दिग्रस में 3 लाख 13 हजार 365, आर्णी में 2 लाख 85 हजार 964, पुसद में 2 लाख 87 हजार 876 और उमरखेड़ में 2 लाख 90 हजार 467 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

यवतमाल जिले के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विकास मीना ने नागरिकों, राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों से प्रारूप मतदाता सूची का ध्यानपूर्वक अवलोकन करने की अपील की है। उन्होंने मतदाताओं से अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांचने तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दर्ज कराने को कहा है।

30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां

यवतमाल जिले की प्रारूप सूची पर 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

प्राप्त दावों और आपत्तियों की सूची हर सप्ताह संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी के कार्यालयों में प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन की वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नागरिक प्रक्रिया पर नजर रख सकें।

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नाम हटने पर अपील का अधिकार

यदि किसी मतदाता का नाम प्रारूप सूची से गलती से हट गया है या मतदाता पंजीकरण अधिकारी के निर्णय से असहमति है, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत अपील की जा सकती है। संबंधित निर्णय के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील की जा सकेगी। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र के समक्ष 30 दिनों के भीतर द्वितीय अपील का प्रावधान है।

नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और नाम, पता अथवा अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 निर्धारित समय सीमा में जमा किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से सूची की जांच कर समय पर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

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