मारेगांव तहसील में एक सप्ताह में 7 आत्महत्याएं, किशोर तिवारी ने की आत्महत्याग्रस्त परिवारों से मुलाकात

Yavatmal suicide
Published on: 
Updated on: 

मारेगांव. मारेगांव तहसील में एक सप्ताह के भीतर 7 किसानों ने आत्महत्या कर अपना जीवन समाप्त करने की हडम्प मचानेवाले घटनाएं हुई है, तहसील में बढ चुकी किसान आत्महत्याओं की घटनाओं को ध्यान में लेकर 2 सितंबर को राज्य कृषी अभियान के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मारेगांव तहसील पहूंचकर आत्महत्याग्रस्त  परिवारों के घर पहूंचकर उनसे मुलाकात की.अतिवृष्टी से फसल बर्बादी और कर्ज के बोझ तले दबकर इन किसानों ने आत्महत्या करने की बात कही जा रही है.इसी बीच विदर्भ में बिते 24 घंटों में 6 किसानों ने आत्महत्या करने की जानकारी सामने आयी है.बताया जाता है की इन किसानों ने भी उपरोक्त कारणों से आत्महत्या कर ली.

महाराष्ट्र में विदर्भ में बिते 2 सालों में सर्वाधिक किसान आत्महत्याएं हो चुकी है.बिते 7 दिनों में जिले के गजानन मुसले 32,निवासी नरसाला,हरिदास सोनपे 47 निवासी शिवणी यह दोनों मारेगांव के जबकी गजानन जाधव 40 यह वर्धा जिले के अंजनगांव का निवासी था,जुलाई और अगस्त माह में अतिवृष्टी से इन किसानों की फसले बहकर चली गयी, साथ ही खरीफ सत्र की शुरुआत में बुआई के लिए उन्हे कर्ज न मिलने से 2 किसानों ने आत्महत्या का कदम उठाया.

एैसी जानकारी कृषी अभियान के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने दी.गुरुवार को आत्महत्या किए हुए किसानों में गजानन मुसले के पिता सुरेश मुसले ने बताया की उनके बेटे ने 3 एकड खेती में कपास और सोयाबीन की फसल बोई थी जो बारिश में बहकर चली गयी, गजानन ने दुबारा बुआई के लिए साहुकार से कर्ज लेने का प्रयास किया, लेकिन कर्ज नही मिल पाया, इससे आयी हताशा के कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया.