13609 दादा-दादी देंगे परीक्षा, शिक्षा विभाग तैयार, रविवार को वरिष्ठों का होगा इम्तिहान

Navbharat Literacy Campaign: केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता अभियान के तहत 2027 तक भारत को शतप्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
13609 दादा-दादी देंगे परीक्षा
13609 दादा-दादी देंगे परीक्षा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Yavatmal News: यवतमाल जिले के 13 हजार से अधिक दादा-दादियों ने पढ़ाई का बीड़ा उठाया है। बुजुर्ग उम्र में उन्होंने फिर से कॉपी-किताबें हाथ में ली और रोजाना पढ़ाई शुरू की। अब इन वरिष्ठ विद्यार्थियों की परीक्षा रविवार 21 सितंबर को होने जा रही है। इस परीक्षा का आयोजन शिक्षा विभाग की और से किया गया है। केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता अभियान के तहत 2027 तक भारत को शतप्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हर जिले की निरक्षरों का पंजीयन कर उन्हें शिक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी अंतर्गत यवतमाल जिले में अब तक 13,609 प्रौढ़ विद्यार्थियों का उल्लास ऐप पर पंजीकरण किया गया है। इनमें कई 60-70 वर्ष की आयु के हैं। हाथ कांपते हैं, आंखें साफ नहीं दिखतीं, फिर भी पढ़ाई की लगन ने उन्हें प्रेरित किया है। शिक्षकों और युवा स्वयंसेवकों की मदद से उन्हें रोजाना कभी ऑनलाइन, तो कभी ऑफलाइन पढ़ाया जा रहा है। इस हेतु एससीईआरटी की ओर से विशेष किताबें भी तैयार की गई हैं। अब रविवार को इन 13 हजार से अधिक प्रौढ़ों की परीक्षा ली जाएगी।

जिले में अब तक 1,457 प्रौढ़ों का पंजीयन करना बाकी

नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत इस वर्ष जिले का लक्ष्य 15,066 निरक्षर प्रौढ़ों को साक्षर करना है। इनमें से अब तक 13।609 का पंजीकरण हो चुका है। रविवार को इनकी परीक्षा होगी, मगर अभी भी 1457 का पंजीकरण शेष है। परीक्षा के दिन तक भी उल्लास ऐप पर पंजीकरण संभव है। ऐसे में देखना होगा कि शिक्षा विभाग रविवार तक यह संख्या कितनी बढ़ा पाता है।

सभी निरक्षर इस अवसर का लाभ लें

यवतमाल के शिक्षा अधिकारी (योजना) किशोर पागोरे ने कहा कि प्रत्येक निरक्षर को साक्षर बनाना ही हमारे विभाग का लक्ष्य है। रविवार - सुबह 10 बजे तक पंजीकरण संभव है। सभी निरक्षर इस अवसर का लाभ उठाएं।

पठन, लेखन व संख्याज्ञान में होगी परीक्षा

यह परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। इसमें पठन, लेखन और संख्याज्ञान इन तीनों घटकों को 50-50 अंक दिए जाएंगे। प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 फीसदी अंक लाना जरूरी होगा।उत्तीर्ण होने वाले प्रौढ़ों को साक्षरता प्रमाणपत्र दिया जाएगा और इच्छानुसार आगे की पढ़ाई का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रौढ़ विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार ली जाएगी। जिस स्कूल से उनका उल्लास ऐप पर पंजीकरण हुआ है, वही उनका परीक्षा केंद्र रहेगा।

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