बेटी के जन्म पर हर्षोल्लास के साथ करें स्वागत, भ्रूण परीक्षण के शिकायतकर्ता को मिलेगा 1 लाख का इनाम

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत कन्या भ्रूण हत्या और गर्भधारण से पहले और प्रसव के बाद की रोकथाम के लिए जिले में डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी एक्ट 1994 संशोधित 2003 का कड़ाई से कार्यान्वयन होना आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के बारे में बड़े पैमाने पर जनजागरण किया जाएं।
Washim TL Meeting
समय सीमा की बैठक में मौजूद वाशिम कलेक्टर बुवनेश्वरी एस. व अन्य अधिकारी
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वाशिम: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत कन्या भ्रूण हत्या और गर्भधारण से पहले और प्रसव के बाद की रोकथाम के लिए जिले में डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी एक्ट 1994 संशोधित 2003 का कड़ाई से कार्यान्वयन होना आवश्यक है। इस संदर्भ में 23 जुलाई को वाशिम जिलाधिकारी बुवनेश्वरी एस की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय के वाकटक सभागृह में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में जिले में लिंग गुणोत्तर प्रमाण बढ़ाने के लिए जिले के प्रत्येक प्रसूति अस्पताल में जन्म लेने वाली बेटियों का विभिन्न तरीकों से स्वागत किया जाने के निर्देश जिलाधिकारी बुवनेश्वरी एस ने दिए है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के बारे में बड़े पैमाने पर जनजागरण किया जाएं और परिवारों को परामर्श देकर लड़कियों के जन्म और शिक्षा के महत्व को सकारात्मक तरीके से समझाया जाना चाहिए।

साथ ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम के सख्ती से कार्यान्वयन के लिए इनाम योजना के साथ-साथ अनधिकृत गर्भपात, लिंग जांच से संबंधित शिकायत के संबंध में महाराष्ट्र राज्य पीसीपीएनडीटी टोल फ्री नं. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://amchirmulgimaha.in है।

भ्रूण हत्या की रोकथान जरूरी

कलेक्टर बुवनेश्वरी एस ने कहा कि जिले में लिंग गुणोत्तर प्रमाण बढ़ाना, भ्रूण हत्या एवं कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम करना शिकायतों की रोकथाम और पंजीकरण तथा शंकाओं के समाधान के लिए पूर्व-गर्भाधान निदान तकनीक (लिंग चयन की रोकथाम) अधिनियम 1994 के रूप में संशोधित अधिनियम 2003 (पीसीपीएनडीटी) और चिकित्सा गर्भपात अधिनियम 1971 (एमटीपी) अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन करना, इसी प्रकार से इस वेबसाइट पर दर्ज की गई कोई भी शिकायत गोपनीय रखी जाएगी।

शिकायत करने पर मिलेगा इनाम

शिकायतकर्ता चाहे तो अपना नाम भी दर्ज करा सकता है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत तार निस्तारण के बाद लिंग परीक्षण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। यदि शिकायत पर अमल किया जाता है और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में सफलता मिलती है, तो शिकायतकर्ता सरकार के माध्यम से खबरी को पारितोषिक योजना के तहत 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। ऐसा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है।

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