

Washim Nutrition Program: राष्ट्रीय पोषण माह एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला परिषद के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित घर पहुंच पोषाहार (टीएचआर) पाककला प्रतियोगिता को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। प्रतियोगिता में जिले की आंगनवाड़ी सेविकाओं, पर्यवेक्षिकाओं, गर्भवती माताओं तथा किशोरियों सहित 140 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर टीएचआर सामग्री से तैयार किए गए विभिन्न पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान ने किया। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में कहा कि कुपोषण दूर करने में टीएचआर आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसी प्रतियोगिताएं महिलाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।
प्रतियोगिता में प्रस्तुत व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण पुनर्वास केंद्र, जिला सामान्य चिकित्सालय वाशिम की आहार विशेषज्ञ अश्विनी भारसाकले, सावित्रीबाई फुले महिला महाविद्यालय की प्रा. डॉ. मेघा देशमुख तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राठोड ने किया। प्रतियोगिता में रीना भगत (शिवनी, मंगरूलपीर) ने प्रथम, कल्पना वानखेड़े (वाकापुर, मालेगांव) ने द्वितीय तथा ज्योति देशमुख (बोरवा, मानोरा) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर के हाथों पुरस्कार प्रदान किए गए।
पुरस्कार वितरण समारोह में जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने कहा कि प्रतियोगिता में तैयार की गई विभिन्न पौष्टिक पाककृतियों के माध्यम से लाभार्थियों को संतुलित एवं पोषक आहार तैयार करने की जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं से जिले में कुपोषण कम करने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गणवीर, बाल विकास परियोजना अधिकारी (शहरी) अर्चना इंगोले, अर्चना फाले, अमिता गिर्हे, मदन नायक, विस्तार अधिकारी अनिल उल्हामाले, अनुप कदम, प्रथम संस्था एवं नवचेतना आरंभ के विभागीय समन्वयक विपुल पवार, समूह समन्वयक मोहिनी गवई सहित जिले की बड़ी संख्या में पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं। महिलाओं और बच्चों तक पोषण का संदेश पहुंचाने तथा दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल की सभी स्तरों पर सराहना की जा रही है।