Washim News: पिछले 15 दिनो से बीच बीच में शुरू रहनेवाले बेमौसम बारिश से जिले के किसानो की चिंता फिर बढायी है, तूफान, हवा, ओले और अनियमित बारिश से फसलों को बहुत बड़ा नुकसान होकर 1 अप्रैल से 3 अप्रैल को हुए बेमौसम बारिश से जिले में 894 किसान बाधित हुए है, प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 729.92 हेक्टेयर क्षेत्र पर के फसले प्रभावित होने का सामने आया है, लेकिन प्रशासन से प्रत्यक्ष पंचनामे होने के बाद ही नुकसानी की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी.
गत खरीफ सीजन में अतिवृष्टि व बाढ़ स्थिति से सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द इन प्रमुख फसलो का बड़ा नुकसान हुआ था, जिस से पहले ही आर्थिक संकट में रहनेवाले किसानो की उम्मीदे रबी फसल पर लगी थी, शुरुवात में वातावरण अनुकुल रहा तो भी बाद में फसल कटाई के समयी बेमौसम बारिश ने आने से किसानो के मुंह तक आया हुआ निवाला छिन लिया, गेहूं, चना, प्याज, चिया यह फसले बड़े प्रमाण में प्रभावित होने के बाद अब ग्रीष्मकालीन सीजन के फसलो को भी इस बेमौसम बारिश का फटका लग रहा है, 1 अप्रैल से शुरू रहनेवाले बारिश ने 3 अप्रैल को कहर किया था.
अनेक भागो में तूफानी हवा के साथ बारिश तो कुछ स्थानो पर ओले गिरने से फसले प्रभावित हुई, प्रारंभिक रिपोर्ट नुसार एक ही दिन पर 834 किसानों के 700.80 हेक्टेयर क्षेत्र पर के फसलों को नुकसान पंहुचा है, रिसोड और मानोरा तहसील को छोड़कर मालेगांव, वाशिम, मंगरुलपीर और कारंजा तालुका में बड़े प्रमाण में नुकसान होने प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है.
सब्जियां और फलों का नुकसान बेमौसम बारिश से आम, प्याज, सब्जिया, गेहूं, गीष्मकालीन मूंग, फल फसल, तीली, ज्वारी, निंबू आदि विविध फसलो का नुकसान हुआ है, दरमियान शुक्रवार से छुटिया रहने से पंचनामे करने में दिक्कतें आ रही हैं, जिस से नुकसानी की निश्चिति अभी स्पष्ट नही हुई है, पंचनामे के बाद ही नुकसानी की सई स्थिति स्पष्ट होगी.