

Wardha Woman Officer Threat: वर्धा नगर परिषद की नगर रचनाकार अधिकारी भाग्यश्री नरेंद्र बोरकर को कथित रूप से फोन पर धमकाने और अपमानित करने का मामला सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की पार्षद श्वेता पाठक के पति वरुण पाठक पर अधिकारी को धमकाने का आरोप है। अधिकारी की शिकायत के आधार पर वर्धा शहर पुलिस ने वरुण पाठक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद गोंड प्लॉट परिसर के सुभाष चौक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में रहने वाले गजानन शेंडे के परिवार द्वारा बनाए गए शौचालय को लेकर शुरू हुआ। शेंडे परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से मंदिर परिसर में रहकर मंदिर की साफ-सफाई और देखभाल करता आ रहा है। गजानन शेंडे रोज मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नी दूसरे लोगों के घरों में बर्तन मांझन तथा झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती हैं। परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। शेंडे के छोटे भाई का परिवार भी उनके साथ रहता है।
बताया जाता है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शेंडे परिवार लंबे समय से धंतोली स्थित सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करता था। करीब दो वर्ष पूर्व नगर परिषद द्वारा वह सार्वजनिक शौचालय तोड़े जाने के बाद परिवार के सामने शौचालय की गंभीर समस्या खड़ी हो गई। परिवार बड़ा होने और घर में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण शेंडे परिवार ने अपनी सीमित आर्थिक क्षमता के अनुसार मंदिर परिसर के एक कोने में शौचालय का निर्माण कराया। परिवार का दावा है कि निर्माण से पहले आसपास के नागरिकों को अपनी परिस्थितियों से अवगत कराया गया था।
हालांकि, पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने नगर परिषद में उक्त निर्माण को अतिक्रमण बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद नगर परिषद की ओर से शेंडे परिवार को नोटिस जारी किया गया। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए नगर परिषद अधिकारियों ने तत्काल शौचालय हटाने की कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि नगर परिषद चुनाव के बाद पार्षद श्वेता पाठक के पति वरुण पाठक ने शेंडे परिवार के शौचालय को हटाने के लिए नगर परिषद अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू किया। जिसके बाद नप ने शेंडे को शौचालय तोड़ने के संदर्भ में नोटिस थमाई थी।
14 अगस्त की सुबह करीब 11.35 बजे वरुण पाठक ने नगर रचनाकार अधिकारी भाग्यश्री बोरकर को फोन किया। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, फोन पर पाठक ने शेंडे नामक व्यक्ति के अतिक्रमण को अब तक नहीं हटाए जाने को लेकर सवाल किया और अधिकारी के साथ कथित रूप से धमकी भरे अंदाज में बातचीत करते हुए उनका अपमान किया। अधिकारी ने इस घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देने के बाद वर्धा शहर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 7 जुलाई को भी वरुण पाठक कथित रूप से नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे और वहां अधिकारी भाग्यश्री बोरकर को धमकाया था। इसके बाद दोबारा फोन पर कथित धमकी दिए जाने से मामला गंभीर हो गया। घटना से आहत अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने के बाद पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वरुण पाठक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरे विवाद में एक ओर नगर परिषद की ओर से सार्वजनिक जमीन पर किए गए निर्माण को लेकर अतिक्रमण का प्रश्न है, तो दूसरी ओर शेंडे परिवार की मूलभूत जरूरत का मुद्दा भी सामने आया है। परिवार का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय टूटने के बाद उनके सामने कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने स्तर पर शौचालय बनाकर उसका उपयोग कर रहा था। वहीं, नगर परिषद के स्तर पर सार्वजनिक स्थान और अतिक्रमण से जुड़े नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाए जाने के बजाय नियमानुसार प्रक्रिया अपनाएं जाने की आवश्यकता है।