

Wardha Farmer Loan Waiver: इस वर्ष औसत बारिश और जल परियोजनाओं में जल भंडारण तुलनात्मक रूप से कम रहने की संभावना है। ऐसे में जिले में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए अभी से नियोजन किया जाए। उपलब्ध जल भंडारण और उसके उपयोग पर प्रशासन लगातार नजर रखे, यह निर्देश पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दिए, एल नीनो की पृष्ठभूमि में संभावित जलसंकट, परियोजनाओं में उपलब्ध जलसाठे और उसके उपयोग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विधायक सुमित वानखेडे, जिलाधिकारी वान्मथी सी, सीईओ पराग सोमण, उपजिलाधिकारी प्रताप वाघमारे, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ज्ञानदा फणसे आदि उपस्थित थे। पालकमंत्री ने कहा कि एल नीनो के कारण जलसंकट की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए प्रशासन वैकल्पिक उपायों की तैयारी अभी से करें। कम बारिश वाले जिलों में किए जाने वाले उपायों का भी अध्ययन किया जाए।
उपलब्ध जल भंडारण की निगरानी कर उसके उपयोग की उचित योजना बनाई जाए, विधायक सुमित वानखेडे ने कहा कि कई गांवों में छोटे तालाबों से जलापूर्ति होती है। ऐसे तालाब जनवरी-फरवरी में सूखने की संभावना है। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखना जरूरी है। पेयजल के लिए तालाबों से कृषि जलापूर्ति बंद करनी पड़े तो उसका भी विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी वान्मधी सी. ने बताया कि जिले की परियोजनाओं में वर्तमान में 62 प्रतिशत जल भंडारण है। बड़े और मध्यम प्रकल्पों में स्थिति संतोषजनक है, जबकि लघु प्रकल्पों में जल भंडारण तुलनात्मक रूप से कम है। जलसंकट की स्थिति से निपटने के लिए जिले में टास्क फोर्स गठित किया गया है। बारिश की स्थिति ऐसी ही रही तो फसल उत्पादन में कमी आने की संभावना भी उन्होंने व्यक्त की।
5 बैठक में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना की भी समीक्षा की। जिले में बैंक स्तर पर 74,365 कर्ज खातों को अपलोड किया गया है। इनमें से 48,165 किसान पात्र पाए गए हैं, जबकि 31,694 किसानों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। अब तक जारी दो सूचियों में 23,330 किसानों का समावेश है और उनके खातों में 230 करोड़ रुपए जमा किए जा चुके हैं। शेष किसानों की ई-केवाईसी जल्द पूरी कर अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ देने के निर्देश पालकमंत्री ने दिए।