वर्धा में आदिवासी छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना, मंत्री अशोक उईके के इस्तीफे की मांग पर अड़े

Ashok Uike Resignation Demand: वर्धा में आदिवासी छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी है। छात्र मंत्री अशोक उईके के इस्तीफे और छात्रावास नियमावली रद्द करने समेत 23 मांगों पर अड़े हैं।
wardha tribal students protest hostel rules minister ashok uike resignation demand
वर्धा आदिवासी छात्र आंदोलन(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Wardha Tribal Students Protest: आदिवासी विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं मूलभूत मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया इंडिजिनस स्टूडेंट फेडरेशन, महाराष्ट्र तथा छात्रावास में प्रवेशित विद्यार्थियों के नेतृत्व में उमरी मेघे स्थित आदिवासी बालक शासकीय छात्रावास में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू है। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के इस्तीफे पर विद्यार्थी अड़े हुए हैं।

तीसरे दिन भी आंदोलन जारी रखते हुए इसे और तीव्र करने की चेतावनी दी गई। विद्यार्थियों ने 5 अगस्त 2026 की छात्रावास नियमावली तथा 14 अगस्त के संशोधित शासन निर्णय को रद्द करने और विशेष रूप से 5/15 किलोमीटर की दूरी की शर्त हटाने की मांग की है।

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नियमावली रद्द करने की मांग

साथ ही कक्षा 11वीं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वयं योजना शुरू कर पात्र विद्यार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। आश्रमशालाओं में सेंट्रल किचन व्यवस्था बंद कर स्वतंत्र भोजन व्यवस्था, विद्यार्थियों की मौतों की उच्चस्तरीय जांच तथा छात्रावासों में CCTV, सुरक्षा कर्मचारी, अग्निसुरक्षा और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी आंदोलनकारियों ने की है। सहित लगभग 23 अहम मुद्दों पर विद्यार्थियों ने ध्यान खींचा है।

जिम्मेदारी तय होनी चाहिए : आत्राम

आदिवासी विकास विभाग द्वारा आश्रमशालाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की घोषणा पर AIISF के प्रदेश अध्यक्ष सूरज आत्राम ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि आश्रमशालाओं का ऑडिट होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ पूर्व में हुई घटनाओं की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, आत्राम ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, केवल ऑडिट की घोषणा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। व्यवस्था में कमियों को दूर करने के साथ ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करना आवश्यक है।

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