

Highlights:
वर्धा जिले में कृषि विभाग की ऑनलाइन खाद बुकिंग सुविधा के तहत अब तक 4,293 किसानों ने QR कोड के माध्यम से पंजीयन कराया है।
ऑनलाइन प्रणाली के तहत कुल 1,028 मीट्रिक टन खाद का पंजीयन किया गया है।
इस सुविधा का उद्देश्य खाद की निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर बिक्री, कालाबाजारी और खाद के साथ अन्य कृषि उत्पादों की अनिवार्य खरीद जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।
Wardha Agriculture Department: खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को उचित दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन खाद बुकिंग सुविधा को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिले में अब तक 4,293 किसानों ने क्यूआर कोड के माध्यम से खाद का पंजीयन कराया है। इसके तहत 1,028 मीट्रिक टन खाद की बुकिंग की गई है।
वहीं, 22 से 26 अक्टूबर के दौरान 3,080 किसानों ने 753 मीट्रिक टन खाद की उठाव किया है। खरीफ सीजन में खाद खरीदने के लिए किसानों को होने वाली परेशानी कम करने, कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर बिक्री तथा खाद के साथ अन्य कृषि निविष्ठाओं की अनिवार्य खरीद पर रोक लगाने के उद्देश्य से 22 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू की गई है।
इस व्यवस्था के माध्यम से किसान घर बैठे यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि किस दुकान पर कौन-सा खाद उपलब्ध है। इससे खाद के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। कृषि विभाग के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही खाद विक्रेताओं द्वारा अन्य कृषि उत्पाद खरीदने की अनिवार्य शर्त रखने, अधिक कीमत वसूलने और खाद की कालाबाजारी करने जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कृषि विकास अधिकारी शिवा जाधव ने कहा कि किसानों को घर बैठे खाद की उपलब्धता की जानकारी देने और आवश्यक खाद का पंजीयन करने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है। इससे खाद के साथ अन्य कृषि निविष्ठाओं की जबरन बिक्री, अधिक दरों पर खाद बेचने और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने किसानों से पारंपरिक तरीके से खाद खरीदने के बजाय ऑनलाइन बुकिंग सुविधा का उपयोग करने की अपील की, ताकि खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़े और किसानों को समय पर आवश्यक खाद मिल सके।
ऑनलाइन खाद बुकिंग के लिए किसानों के पास आधार कार्ड या फार्मर आईडी होना आवश्यक है। इसके लिए मोबाइल में एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के माध्यम से उपलब्ध खाद की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक मात्रा में खाद का पंजीयन किया जा सकता है। क्यूआर कोड के जरिए भी बुकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
खाद का ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद संबंधित किसान को 72 घंटे के भीतर खाद का उठाव करना अनिवार्य है। इसलिए बुकिंग करते समय किसान उपलब्ध समय और अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खाद की मात्रा तय करें। कृषि विभाग ने किसानों से आधार कार्ड या फार्मर आईडी के माध्यम से पंजीयन कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।